*घर-घर दस्तक देकर संचारी रोगों के प्रति जागरूकता के साथ ही आशा पहुंचा रहीं “बास्केट आफ च्वाइस”*
पोस्टर चिपकाकर दे रहीं परिवार नियोजन का सन्देश
आशा कार्यकर्ता कोविड-19 प्रोटोकाल का कर रहीं पूर्ण पालन
गर्भ निरोधक अपनाने पर मिलती है प्रोत्साहन राशि
औरैया, 20 जुलाई 2020
एक माह तक चलने वाले संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के दौरान आशा कार्यकर्त्ता डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया समेत अन्य संक्रामक बीमारियों के बारे में जागरूक करने के लिए घर-घर
दस्तक दे रहीं हैं। इसके साथ ही परिवार नियोजन साधनों की लोगों तक उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए भी आशा कार्यकर्ताओं की फ़ौज अहम् जिम्मेदारी निभा रही है । बदली परिस्थितियों में जरूरी हिदायतों का ख्याल रखते हुए घर - घर दस्तक देने के साथ ही परिवार कल्याण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए आशा कार्यकर्ता उन दम्पत्तियों से जरूर बात कर रहीं है, जिनको परिवार नियोजन की सबसे अधिक आवश्यकता है। ऐसे लक्षित दम्पत्तियों को उनकी पसंद के अनुसार बास्केट आफ च्वाइस जैसे-माला-एन, छाया, सी पिल्स एवं कंडोम भी उपलब्ध करवा रहीं हैं ।
दस्तक दे रहीं हैं। इसके साथ ही परिवार नियोजन साधनों की लोगों तक उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए भी आशा कार्यकर्ताओं की फ़ौज अहम् जिम्मेदारी निभा रही है । बदली परिस्थितियों में जरूरी हिदायतों का ख्याल रखते हुए घर - घर दस्तक देने के साथ ही परिवार कल्याण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए आशा कार्यकर्ता उन दम्पत्तियों से जरूर बात कर रहीं है, जिनको परिवार नियोजन की सबसे अधिक आवश्यकता है। ऐसे लक्षित दम्पत्तियों को उनकी पसंद के अनुसार बास्केट आफ च्वाइस जैसे-माला-एन, छाया, सी पिल्स एवं कंडोम भी उपलब्ध करवा रहीं हैं ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अर्चना श्रीवास्तव का कहना है गृह भ्रमण के दौरान आशा कार्यकर्ता उस घर को प्राथमिकता दे रहीं हैं जहाँ कोई नव-विवाहित दंपत्ति हों। ऐसे दम्पत्तियों से आशा इस बात पर चर्चा कर रहीं हैं कि अनचाहा गर्भ आपके सपनों और आपके पास मौजूद संसाधनों को सीमित करता है । इसके साथ ही उनकी आवश्यकतानुसार गर्भ निरोधक साधन भी उन्हें उपलब्ध करवा रहीं हैं । परिवार नियोजन के लिए जागरूकता पोस्टर चिपकाने के साथ ही महिला-पुरूष नसबंदी में दी जाने वाले प्रोत्साहन राशि की जानकारी भी दे रहीं है । इसके अलावा जो महिलाएं अंतरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन की सुविधा लेना चाहती हैं उनको आशा स्वास्थ्य इकाई तक लेकर जा रहीं हैं।
*नसबंदी से नहीं आती कमजोरी, पुरुष आगे आएं*
परिवार कल्याण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ शशिबाला सिंह का कहना है कि परिवार नियोजन को लेकर महिला-पुरुष का बड़ा अंतर भ्रांतियों की वजह से है। जागरूकता की कमी से पुरुष नसबंदी नहीं कराते। समय-समय पर अभियान, शिविर व कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें प्रेरित किया जाता है। कुछ पुरूषों का मानना है कि नसबंदी कराने से शारीरिक दिक्कतें आती हैं। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। लोगों को मन से भ्रांति निकालकर परिवार नियोजन में आगे आना चाहिए।
जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दौरान 11 जुलाई से 19 जुलाई तक स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़े के अनुसार 98 महिलाओं ने पीपीआईयूसीडी, 144 ने आईयूसीडी अपनाया और 109 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन लगवाया है।
*गर्भ निरोधक अपनाने पर मिलती है प्रोत्साहन राशि*
गर्भ निरोधक साधनों को अपनाने पर लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए मिशन परिवार विकास की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। पुरूष नसबंदी पर 3000 तथा महिला नसबंदी पर 2000 रूपये लाभार्थी को दिए जाते हैं । प्रसव के 48 घंटे के भीतर नसबंदी कराने में महिला को 3000 तथा प्रसव के बाद पीपीआईयूसडी में महिला को 300 रूपये मिलते हैं। अंतरा इंजेक्शन लगवाने पर लाभार्थी को 100 रूपये दिए जाते हैं।

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