आयुष्मान भारत : अब छोटी छोटी बीमारी का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी
आयुष्मान भारत अब छोटी-छोटी बीमारियों को लेकर औरैया जिले की हर सामुदायिक स्वास्थ b्य केंद्र में खांसी बुखार जुखाम डायरिया गैस सांस फूलना आदि बीमारियों का इलाज होने लगा है
हाइलाइट्स
• आयुष्मान योजना देश में गरीबों को मुफ्त में बीमा कवरेज मुहैया कराती है।
• दुनिया की सबसे बड़ी और पूरी तरह से सरकार खर्च पर चलने वाली स्वास्थ्य बीमा योजना है
• 5 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस कवर मिलता है प्रत्येक लाभार्थी परिवार को सालाना
• 250 से ज्यादा बीमारियां शामिल हैं इसमें कैंसर और दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों सहित
*खांसी,बुखार,चिकिनगुनिया, डायरिया,गैस,जला/कटा अन्य छोटी छोटी बीमारियां हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जोड़ दी गयी है*
आदित्य शर्मा औरैया : केंद्र सरकार ने कोरोना के इलाज और जांच को भी इस योजना में शामिल कर लिया है। जाहिर है, इसका दायरा बड़ा हो गया है। हम बता रहे हैं, कैसे इस योजना का फायदा उठाया जा सकता
फायदा कौन उठा सकता है?
2011 में की गई सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (SECC-2011) के डेटाबेस में जिन व्यक्तियों के नाम मौजूद
क्या फायदे हैं?.
इस योजना के दायरे में आने वाले परिवार देश के किसी भी सरकारी अस्पताल या पैनल में शामिल प्राइवेट अस्पताल में हर साल 5 लाख रुपये तक का
मुफ्त इलाज पा सकते हैं। इलाज पूरी तरह से कैशलेस है और कई गंभीर बीमारियों को भी इसमें कवर किया गया है। यह एक तरह से फैमिली फ्लोटिंग इंश्योरेंस कवर है जिसमें इस 5 लाख रुपये में परिवार के सभी सदस्य कवर होते हैं। यह 5 लाख रुपये चाहे तो एक आदमी के इलाज पर खर्च हो सकते हैं या फिर परिवार में अगर 10 लोग हैं तो उन पर भी। और हां, इसकी कवरेज में उम्र की या परिवार के सदस्यों की संख्या की कोई सीमा नहीं है ।
मुफ्त इलाज पा सकते हैं। इलाज पूरी तरह से कैशलेस है और कई गंभीर बीमारियों को भी इसमें कवर किया गया है। यह एक तरह से फैमिली फ्लोटिंग इंश्योरेंस कवर है जिसमें इस 5 लाख रुपये में परिवार के सभी सदस्य कवर होते हैं। यह 5 लाख रुपये चाहे तो एक आदमी के इलाज पर खर्च हो सकते हैं या फिर परिवार में अगर 10 लोग हैं तो उन पर भी। और हां, इसकी कवरेज में उम्र की या परिवार के सदस्यों की संख्या की कोई सीमा नहीं है ।
कैसे मिलती है इसकी कैशलेस सुविधा?
जो भी नागरिक इस योजना का पात्र है, उसे आयुष्मान कार्ड दिया जाता है। इस कार्ड को बोलचाल की भाषा में ई-कार्ड या गोल्डन कार्ड भी कहा जाता है। अगर किसी पात्र व्यक्ति का यह कार्ड नहीं बना है तो वह अस्पताल में भर्ती होने के समय अस्पताल में मौजूद प्रधानमंत्री आरोग्य मित्र से मिलकर अपना कार्ड बनवा सकता है। गौरतलब है कि लोगों की मदद के लिए सरकारी और पैनल में शामिल प्राइवेट अस्पतालों में प्रधानमंत्री आरोग्य मित्र में मौजूद रहते हैं और हर अस्पताल में बाकायदा इस योजना में पात्र लोगों के लिए एक अलग डेस्क भी बनाया गया है।
इन बीमारियों का होता है फ्री इलाज
जिनके पास आयुष्मान कार्ड है उनकी मेडिकल जांच/ऑपरेशन/इलाज/दवा आदि का खर्चा इसके तहत कवर होता है। अगर कोई शख्स अपना कार्ड बनने से पहले से बीमार है तो भी उसका इलाज भी इस योजना के तहत होगा। इन बीमारियों में मैटरनल हेल्थ और डिलिवरी की सुविधा, नवजात और बच्चों का इलाज, कैंसर, टीवी, कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरपी, हार्ट बाईपास सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, दांतों की सर्जरी, आंखों की सर्जरी, एमआरआई, सीटी स्कैन, दिल की बीमारी, किडनी, लिवर, डायबीटीज, कोरोनरी बायपास, घुटना बदलना, स्टेंट डालना, आंख, नाक, कान और गले से संबंधित बीमारी आदि शामिल हैं। साथ ही अस्पताल में एडमिट होने से पहले और बाद के खर्च भी इसमें कवर किए जा रहे हैं। इसमें ट्रांसपोर्ट पर होने वाला खर्च भी शामिल है।
ऐसी बीमारियां जो प्राथमिक उपचार से ही ठीक हो जाती हैं या फिर जिन्हें ओपीडी केयर की जरूरत है। मसलन, साधारण बुखार, जुकाम, खांसी आदि।
अगर नहीं है ई-कार्ड तो...
अगर किसी व्यक्ति के पास ई-कार्ड नहीं है, लेकिन उसका नाम इस योजना की पात्रता सूची में है तो उसे कार्ड न होने की फिक्र करने की जरूरत नहीं। उस शख्स को सिर्फ यह देखना है कि जिस अस्पताल में वह इलाज करवाना चाहता है, वह इसके पैनल में शामिल है या नहीं। अस्पताल तय कर उस शख्स को जरूरी डॉक्यूमेंट्स (आधार कार्ड, राशन कार्ड, स्टेट आई कार्ड आदि) साथ लेकर उस अस्पताल में जाना होगा। वहां आयुष्मान हेल्प डेस्क पर आरोग्य मित्र से बात कर उसे अपने डॉक्यूमेंट्स दिखाने होंगे। इसके बाद वहां दिखाने की सारी व्यवस्था आरोग्य मित्र करेगा। कुछ भी समस्या आने पर टोल-फ्री नंबर 14555 पर कॉल की जा सकती है।
क्या अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है?
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए मरीज को अस्पताल में भर्ती होना जरूरी होता है और वह भी कम से कम एक दिन के लिए।
कहां होगा इलाज?
•वेबसाइट pmjay.gov.in पर जाएं।
•सामने जो पेज खुलेगा उस पर लेफ्ट की तरफ Hospital पर क्लिक करें। नीचे Find Hospital दिखेगा। इस पर क्लिक करने से Search Hospital का नया पेज खुलेगा।
यहां आपसे आप जिस अस्पताल में इलाज कराना चाहते हैं, उसकी जानकारी पूछी जाएगी, जैसे राज्य, जिला, किस किस्म का अस्पताल यानी पब्लिक (सरकारी), प्राइवेट (नॉन-प्रॉफिट) या प्राइवेट (प्रॉफिट वाले) और स्पेशलिटी (यानी आप किस बीमारी का इलाज कराना चाहते हैं)।
इन सूचनाओं को भरने के बाद जब आप Hospital Name पर क्लिक करेंगे तो ड्रॉप डाउन में उस जिले के अस्पतालों के नाम आ जाएंगे। अस्पताल सिलेक्ट करें और Enter Captcha में कैप्चा कोड भरकर Search पर क्लिक करें। इसके बाद उस अस्पताल में जिन बीमारियों का इलाज उपलब्ध है, उनकी लिस्ट, फोन नंबर, ई मेल आईडी और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी आपके सामने आ जाएगी।
कैसे होगा इलाज?
इलाज कराने के लिए सबसे पहले वह अस्पताल चुनना होगा, जहां लाभार्थी इलाज कराना चाहता है। इसकी लिस्ट pmjay.gov.in पर है। लिस्ट में मौजूद हर अस्पताल में आयुष्मान हेल्पडेस्क होती है जहां प्रधानमंत्री आरोग्य मित्र मौजूद रहते हैं। अस्पताल पहुंचकर आरोग्य मित्र को बीमारी के बारे में जानकारी दें और अपना ई-कार्ड और कोई पहचानपत्र (आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड या राशन कार्ड) दिखाएं। आरोग्य मित्र मरीज का इलाज करवाने और उसे अस्पताल की सुविधाएं दिलाने में मदद करेगा। इलाज पाने के लिए आपको एक भी पैसा नहीं देना होगा।
आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी किसी भी सरकारी और सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पताल में जाकर मुफ्त में अपना कोविड-19 टेस्ट करा सकते हैं। अगर उनमें कोराना वायरस के लक्षण की आशंका जताई जाती है और उन्हें प्राइवेट अस्पताल में आइसोलेशन में रहना पड़ता है या उनके इलाज की जरूरत होती है तो इसका खर्च आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर होगा।
कैसे उठा सकते हैं फायदा
पहला कदमः अपनी पात्रता जांचें
अगर आप इस स्कीम के दायरे में आते हैं तो आपको अपनी पात्रता जांचनी होगी। अपनी पात्रता ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरह से जांच सकते हैं। अगर आप पात्र होंगे तो आपको एक 'ई-कार्ड' मिलेगा | इसी कार्ड की मदद से आप कभी भी किसी भी सरकारी या सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पताल में 5 लाख रुपये तक का इलाज करा सकते है |
पात्रता का पता ऐसे लगा सकते हैं:
ऑनलाइन तरीका
•ऑफिशल वेबसाइट pmjay.gov.in पर जाएं।
•यहां राइट साइड में ऊपर Am I Eligible लिखा दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
•जो पेज खुलेगा उसके लेफ्ट साइड में LOGIN लिखा होगा। इसके ठीक नीचे अपना मोबाइल नंबर डालें और इसके नीचे कैप्चा कोड भरकर Generate OTP पर क्लिक करें।
•आपके मोबाइल पर एक कोड आएगा। इसे एंटर करें और इसके ठीक नीचे लिखे By clicking submit, you agree to our Terms, Eligibility Criteria & Data Policy के सामने बने एक बॉक्स पर क्लिक कर Submit पर क्लिक करें।
•अब पेज पर लेफ्ट साइड में ऊपर Search लिखा दिखेगा। इसके ठीक नीचे Select State पर अपना राज्य चुनें।
•इसके ठीक नीचे Select Category पर क्लिक करें। यहां नाम सर्च करने के लिए पांच ऑप्शन (नाम, HHD नंबर, राशन कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर और MMJAA ID नंबर) मिलेंगे। किसी भी एक ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद पिता, मां का नाम, जेंडर, शहरी या ग्रामीण आदि जानकारी भरकर Search पर क्लिक करें।
•अगर आपका नाम इस योजना में है तो वह ठीक बराबर में Search Result में दिख जाएगा। इसी लाइन में HHD नंबर दिखाई देगा। इसे नोट कर लें। HHD का मतलब House Hold है। इसे परिवार का मुखिया माना जाता है व परिवार के सभी सदस्य PM-JAY के योग्य हो जाते हैं।
फोन पर
•सबसे पहले अपने पास आधार नंबर और राशन कार्ड नंबर लिखकर रखें।
•अब अपने मोबाइल से 14555 या 1800111565 नंबर डायल करें। ये नंबर आयुष्मान हेल्पलाइन से जुड़े हैं और इन पर हफ्ते के सातों दिन दिन-रात कभी भी बात कर सकते हैं।
•इन नंबरों पर आप लाभार्थी हैं या नहीं, यह पूछ सकते हैं। इसके लिए आपसे आपका मोबाइल नंबर या आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर आदि पूछा जा सकता है। इसके बाद आपको जानकारी दे दी जाएगी।
हॉस्पिटल से
जो भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़ा हुआ है, वहां मौजूद प्रधानमंत्री आरोग्य मित्र से भी आप अपनी पात्रता का पता लगा सकते हैं। आरोग्य मित्र आपसे आपके बारे में कुछ जानकारी मांगेंगे और साथ ही आपके पहचानपत्र जैसे राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड या वोटर कार्ड आदि का नंबर पूछ सकते हैं। आप अगर इस योजना में शामिल होने के पात्र होंगे तो आपको पता चल जाएगा।
दूसरा कदमः बनवाएं ई-कार्ड
आयुष्मान योजना के लिए जरूरी कार्ड को ई-कार्ड कहा जाता है। अगर आप इस योजना के पात्र हैं तो आपके परिवार के सभी सदस्य को इसका फायदा मिलेगा, यह तय है। ऐसे में अपने परिवार के सभी सदस्यों का 'ई-कार्ड' जरूर बनवा लें। इस कार्ड के होने पर ही पात्र शख्स और उसके परिवार के सदस्य इस योजना का लाभ लेकर इलाज करा सकते हैं:
कहां बनेगा कार्ड
यह कार्ड आप अपने नजदीकी किसी भी रजिस्टर्ड सरकारी या प्राइवेट अस्पताल या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाकर बनवा सकते हैं। रजिस्टर्ड सरकारी या प्राइवेट अस्पताल की लिस्ट वेबसाइट pmjay.gov.in पर देख सकते हैं
कैसे बनेगा कार्ड
•अपना HHD नंबर, मोबाइल और कोई भी अड्रेस प्रूफ जैसे- आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड आदि में से एक की एक फोटो कॉपी और ऑरिजनल कॉपी, एससी/एसटी जाति प्रमाणपत्र, इनकम सर्टिफिकेट आदि लेकर नजदीकी सरकारी या लिस्टेड प्राइवेट अस्पताल या CSC में जाएं।
•हर रजिस्टर्ड अस्पताल में आयुष्मान भारत की एक हेल्प डेस्क होती है। अस्पताल के रिस्पेशन पर इस डेस्क के बारे में पूछ सकते हैं। यहां जन आरोग्य मित्र आपकी सहायता के लिए हर समय मौजूद रहते हैं। अगर कोई परेशानी आए तो तुरंत 14555 पर कॉल करें।
•अस्पताल में बनी आयुष्मान डेस्क या CSC पर ई-कार्ड बनवाने के बारे में बताएं। रजिस्टर्ड अस्पताल में ई-कार्ड बनवाने पर कोई चार्ज नहीं लिया जाता, वहीं CSC जाकर ई-कार्ड बनवाने की फीस 30 रुपये है।

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