अमित दुवे ने खुद के अपहरण की रची थी साजिश, औरैया में 5 जुलाई को मिली थी लावारिस कार*
■ *पुलिस अधीक्षक सुश्री सुनीति के निर्देशन में औरैया पुलिस ने किया दूध का दूध और पानी का पानी*
घनश्याम सिंह
समाचार संपादक
औरैया। पिछले दिनों गत 5 जुलाई को गायब हुये लखनऊ के प्रोपर्टी डीलर के अपहरण का पुलिस टीम ने खुलाशा किया तो यह अपहरण की यह बात महज एक झूठी कहानी निकली। जो कि स्वयं अपहृत अमित
दुबे द्वारा कर्जदारों से बचने के लिए और उन्हें झूठा फसाने के लिए रची गयी थी। जानकारी हो कि पिछले दिनों औरैया नगर के दिबियापुर रोड पर लखन वाटिका के सामने एक संदिग्ध कार इको स्पोर्ट यूपी 32 जीएल 9252 चाबी लगी हुई खड़ी पायी गयी थी जिसमें एक मोबाइल, पर्स, कार में रक्त की छींटे, चप्पलें व रक्त रंजित रूमाल व शर्ट का कुछ भाग पाये जाने से किसी अपराध के होने की आशंका हुई थी। आरटीओ सॉफ्टवेयर के माध्यम से वाहन स्वामी अमित दुबे पुत्र कमलेश दुबे पता केंकड़ा बिल्डर्स, विभव खण्ड, गोमती नगर जनपद लखनऊ का होना पाया गया था। इस सम्बन्ध में श्री कमलेश दुबे द्वारा थाना कोतवाली औरैया आकर सूचना दी कि मेरा पुत्र अमित कुमार दिनांक 4 जुलाई 2020 को लखनऊ से मथुरा प्रोपर्टी डीलिंग के सम्बन्ध में कहकर गया था। तथा उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को रात 10ः45 पर उससे वात हुई थी। इसके बाद उन्हें दिनांक 05 जुलाई को सुबह 10 बजे जानकारी हुई कि अमित कुमार (पुत्र) की गाडी लावारिस हालत में औरैया नगर लखन वाटिका गेस्ट हाउस के पास खडी है। अमित दुबे के पिता ने बताया कि मैं औरैया आया तो पुत्र अमित कुमार की खोजबीन की तो कोई जानकारी ना हो सकी तथा कार में खून के धब्बे तथा मोबाइल पड़ा मिला। वही उसी दौरान अमित दुबे ने पुलिस के सामने आसंका व्यक्त की, कि उसका बदनीयती से किसी ने अपहरण कर लिया है। के आधार पर थाना कोतवाली औरैया में मु0अ0सं0 434/2020 धारा 364 आईपीसी पंजीकृत कराया था। अपहृत अमित दुबे के बारे में प्रारम्भिक जानकारी करने पर सन्दर्भ में आया कि अमित दुबे ग्राम लक्ष्मणपुर पिलख, थाना मंगलपुर जनपद कानपुर देहात का मूल निवासी है जो वर्तमान में विजयन्त खण्ड, थाना गोमतीनगर, जनपद लखनऊ में किराये के आवास में अपने एकल परिवार के साथ रहता था। अपहृत के पिता कमलेश दुबे द्वारा अपने बयान में बताया गया कि अमित दुबे पर लाखों रूपयों का कर्ज था, उन्हीं को पैसा देने को लाया था, पिता कमलेश ने कर्ज देने वालों द्वारा ही उसके बेटे के साथ कोई अनहोनी घटना किये जाने की आशंका प्रबलता से प्रकट की थी। चूंकि वर्तमान समय में शहरी क्षेत्र में अपहरण की ऐसी दुर्दान्त घटना के होने की खबरें इलैक्ट्रॉनिक व प्रिण्ट मीडिया में जोर शोर से प्रकाशित की गयीं। इस सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। इस प्रकरण की संवेदनशीलता के कारण तत्काल प्रभाव से प्रिण्ट मीडिया, इलैक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया के माध्यम से अपहृत अमित दुबे की खोजबीन हेतु प्रचार प्रसार किया गया। डीसीआरबी के माध्यम से पैम्पलेट तलाश गश्ती रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड व जनसामान्य के आने जाने वाले मुख्य स्थलों एवं आस पास के जनपदों के मुख्य स्थलों पर चश्पा करवाये गये। वहीं पुलिस अधीक्षक सुश्री सुनीति द्वारा प्रान्त के सभी जोन, रेन्ज व जनपदों में अपहृत की तलाश हेतु उसके फोटो परिचय सहित संदेश प्रेषित किये गये। साथ ही जनपद स्तर पर अपहृत अमित दुबे की तलाश हेतु पुलिस अधीक्षक सुश्री सुनीत के निर्देशन में निरीक्षक व उपनिरीक्षकों की तीन टीमें क्षेत्राधिकारी सदर एवं अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित के निकट पर्यवेक्षण में गठित की गयी। इन टीमों द्वारा सर्विलान्स शाखा, औरैया की टीम से समन्वय कर इस घटना के अनावरण हेतु विभिन्न पहलुओं के बारे में गहनता से जाँच की गयी तो अमित दुबे को किसी अन्य बदमाशों द्वारा अपहरण करने जैसे साक्ष्य प्रकाश में नहीं आये। बल्कि टीमों द्वारा विभिन्न जनपदों लखनऊ, कानपुर, मथुरा, आगरा, इटावा, जालौन, कानपुर देहात व जनपद औरैया में गहनता से जाँच व पतारसी सुरागरसी हर पहलू से की गयी इसी क्रम में दिनांक 20 जुलाई की सुबह थाना रिफाइनरी जनपद मथुरा क्षेत्र में यह अपहृत अमित दुबे हाथ, हाथ पैर, मुंह बंधा हुआ, शरीर पर जहाँ तहाँ जलने से घायल हुआ हाईवे किनारे मथुरा पुलिस को मिला। जिसे मथुरा पुलिस द्वारा थाने ले जाकर उसका मैडिकल परीक्षण कराया गया। और इस जनपद को सूचना की गयी। इस सूचना पर निरीक्षक शशांक राजपूत मय टीम के थाना रिफाइनरी, जनपद मथुरा जाकर अपहृत अमित दुबे को नियमानुसार थाना औरैया लाया गया, जिसे बाद सामान्य पूछताछ उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। किन्तु परिजनों को सुपुर्दगी के बाद अपहृत द्वारा बताये गये वाक्यात कि उसका अपहरण, किसी बदमाश द्वारा पुलिस की वर्दी में अपने तीन साथियों के साथ मिलकर अनन्तराम टोल को पास, दिनांक 04/05 जुलाई 2020 की रात को किया गया और उससे 52 लाख रूपये लूट लिए, जो वह जनपद मथुरा के अपने मित्र हरीगोपाल से लेकर आ रहा था, और उन बदमाशों द्वारा तीन चार नशे के इंजेक्शन देकर उसे बेहोश कर दिया। उसे बदमाशों ने बहुत मारा पीटा और उसके शरीर पीठ, सीने, माथे व पैरों को जगह जगह विद्युत करन्ट से जला दिया। और छोड़ने के लिए उससे अधिक रकम की माँग करने लगे। दिनांक 20 जुलाई 2020 को रात में उसे नहीं पता वह मथुरा में हाईवे किनारे हाथ पैर बंधी हालत में कैसे आ गया। के बारे में सम्यक विचार किया गया।
दुबे द्वारा कर्जदारों से बचने के लिए और उन्हें झूठा फसाने के लिए रची गयी थी। जानकारी हो कि पिछले दिनों औरैया नगर के दिबियापुर रोड पर लखन वाटिका के सामने एक संदिग्ध कार इको स्पोर्ट यूपी 32 जीएल 9252 चाबी लगी हुई खड़ी पायी गयी थी जिसमें एक मोबाइल, पर्स, कार में रक्त की छींटे, चप्पलें व रक्त रंजित रूमाल व शर्ट का कुछ भाग पाये जाने से किसी अपराध के होने की आशंका हुई थी। आरटीओ सॉफ्टवेयर के माध्यम से वाहन स्वामी अमित दुबे पुत्र कमलेश दुबे पता केंकड़ा बिल्डर्स, विभव खण्ड, गोमती नगर जनपद लखनऊ का होना पाया गया था। इस सम्बन्ध में श्री कमलेश दुबे द्वारा थाना कोतवाली औरैया आकर सूचना दी कि मेरा पुत्र अमित कुमार दिनांक 4 जुलाई 2020 को लखनऊ से मथुरा प्रोपर्टी डीलिंग के सम्बन्ध में कहकर गया था। तथा उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को रात 10ः45 पर उससे वात हुई थी। इसके बाद उन्हें दिनांक 05 जुलाई को सुबह 10 बजे जानकारी हुई कि अमित कुमार (पुत्र) की गाडी लावारिस हालत में औरैया नगर लखन वाटिका गेस्ट हाउस के पास खडी है। अमित दुबे के पिता ने बताया कि मैं औरैया आया तो पुत्र अमित कुमार की खोजबीन की तो कोई जानकारी ना हो सकी तथा कार में खून के धब्बे तथा मोबाइल पड़ा मिला। वही उसी दौरान अमित दुबे ने पुलिस के सामने आसंका व्यक्त की, कि उसका बदनीयती से किसी ने अपहरण कर लिया है। के आधार पर थाना कोतवाली औरैया में मु0अ0सं0 434/2020 धारा 364 आईपीसी पंजीकृत कराया था। अपहृत अमित दुबे के बारे में प्रारम्भिक जानकारी करने पर सन्दर्भ में आया कि अमित दुबे ग्राम लक्ष्मणपुर पिलख, थाना मंगलपुर जनपद कानपुर देहात का मूल निवासी है जो वर्तमान में विजयन्त खण्ड, थाना गोमतीनगर, जनपद लखनऊ में किराये के आवास में अपने एकल परिवार के साथ रहता था। अपहृत के पिता कमलेश दुबे द्वारा अपने बयान में बताया गया कि अमित दुबे पर लाखों रूपयों का कर्ज था, उन्हीं को पैसा देने को लाया था, पिता कमलेश ने कर्ज देने वालों द्वारा ही उसके बेटे के साथ कोई अनहोनी घटना किये जाने की आशंका प्रबलता से प्रकट की थी। चूंकि वर्तमान समय में शहरी क्षेत्र में अपहरण की ऐसी दुर्दान्त घटना के होने की खबरें इलैक्ट्रॉनिक व प्रिण्ट मीडिया में जोर शोर से प्रकाशित की गयीं। इस सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। इस प्रकरण की संवेदनशीलता के कारण तत्काल प्रभाव से प्रिण्ट मीडिया, इलैक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया के माध्यम से अपहृत अमित दुबे की खोजबीन हेतु प्रचार प्रसार किया गया। डीसीआरबी के माध्यम से पैम्पलेट तलाश गश्ती रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड व जनसामान्य के आने जाने वाले मुख्य स्थलों एवं आस पास के जनपदों के मुख्य स्थलों पर चश्पा करवाये गये। वहीं पुलिस अधीक्षक सुश्री सुनीति द्वारा प्रान्त के सभी जोन, रेन्ज व जनपदों में अपहृत की तलाश हेतु उसके फोटो परिचय सहित संदेश प्रेषित किये गये। साथ ही जनपद स्तर पर अपहृत अमित दुबे की तलाश हेतु पुलिस अधीक्षक सुश्री सुनीत के निर्देशन में निरीक्षक व उपनिरीक्षकों की तीन टीमें क्षेत्राधिकारी सदर एवं अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित के निकट पर्यवेक्षण में गठित की गयी। इन टीमों द्वारा सर्विलान्स शाखा, औरैया की टीम से समन्वय कर इस घटना के अनावरण हेतु विभिन्न पहलुओं के बारे में गहनता से जाँच की गयी तो अमित दुबे को किसी अन्य बदमाशों द्वारा अपहरण करने जैसे साक्ष्य प्रकाश में नहीं आये। बल्कि टीमों द्वारा विभिन्न जनपदों लखनऊ, कानपुर, मथुरा, आगरा, इटावा, जालौन, कानपुर देहात व जनपद औरैया में गहनता से जाँच व पतारसी सुरागरसी हर पहलू से की गयी इसी क्रम में दिनांक 20 जुलाई की सुबह थाना रिफाइनरी जनपद मथुरा क्षेत्र में यह अपहृत अमित दुबे हाथ, हाथ पैर, मुंह बंधा हुआ, शरीर पर जहाँ तहाँ जलने से घायल हुआ हाईवे किनारे मथुरा पुलिस को मिला। जिसे मथुरा पुलिस द्वारा थाने ले जाकर उसका मैडिकल परीक्षण कराया गया। और इस जनपद को सूचना की गयी। इस सूचना पर निरीक्षक शशांक राजपूत मय टीम के थाना रिफाइनरी, जनपद मथुरा जाकर अपहृत अमित दुबे को नियमानुसार थाना औरैया लाया गया, जिसे बाद सामान्य पूछताछ उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। किन्तु परिजनों को सुपुर्दगी के बाद अपहृत द्वारा बताये गये वाक्यात कि उसका अपहरण, किसी बदमाश द्वारा पुलिस की वर्दी में अपने तीन साथियों के साथ मिलकर अनन्तराम टोल को पास, दिनांक 04/05 जुलाई 2020 की रात को किया गया और उससे 52 लाख रूपये लूट लिए, जो वह जनपद मथुरा के अपने मित्र हरीगोपाल से लेकर आ रहा था, और उन बदमाशों द्वारा तीन चार नशे के इंजेक्शन देकर उसे बेहोश कर दिया। उसे बदमाशों ने बहुत मारा पीटा और उसके शरीर पीठ, सीने, माथे व पैरों को जगह जगह विद्युत करन्ट से जला दिया। और छोड़ने के लिए उससे अधिक रकम की माँग करने लगे। दिनांक 20 जुलाई 2020 को रात में उसे नहीं पता वह मथुरा में हाईवे किनारे हाथ पैर बंधी हालत में कैसे आ गया। के बारे में सम्यक विचार किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चूंकि हमारी पुलिस टीमें अपहृत की आम शौहरत, संगत व क्रियाकलाप के बारे में पूर्व में ही जानकारी कर चुकी थीं। फिर भी अपहृत द्वारा बतायी गयी धनराशि 52 लाख, जिसे जनपद मथुरा के हरिगोपाल द्वारा अमित दुबे को देना बताया गया तो हरिगोपाल को जनपद मथुरा से तत्काल प्रभाव से औरैया बुलाया गया। और अमित दुबे को पुनः वास्ते गहन पूछताछ थाना कोतवाली औरैया पर बुलाया गया। अमित दुबे अपने परिजनों के साथ थाना आया। एवं इसी दौरान विभिन्न न्यूज चैनलों व सोशल मीडिया के माध्यम से अमित दुबे के सकुशल वापस आ जाने की खबर पाकर उसके तमाम कर्ज देने वाले लोग भी थाना उपस्थित आये। अमित दुबे व वादी पक्ष एवं कर्ज देने वाले तमाम लोगों व हरिगोपाल, मथुरा के आमने सामने पुलिस द्वारा वार्ता की गयी। हरि गोपाल द्वारा अमित दुबे को 52 लाख रूपये दने की बात नकार दी और मात्र एक किलो पेड़े भगवान बिहारी जी के प्रसाद के रूप में देने की बात बताई गयी। और शेष कर्जदारों द्वारा भी अपने अपने कर्जे की बात बतायी गयी तो अमित दुबे द्वारा अपने ऊपर डॉ एस एस ठाकुर निवासी कोंच जनपद जालौन के 40 लाख, भूपेन्द्र सिंह निवासी बरौंदा कलां जनपद जालौन के 15 लाख, मोहित शंकर शुक्ला निवासी लक्ष्मणपुर पिलख जनपद कानपुर देहात के 03 लाख व सत्यनारायण उर्फ पं0 बब्लू निवासी कन्चैसी जनपद कानपुर देहात के 08 लाख रूपये व श्रीमती नीतू सिंह निवासी नॉयडा के 12 लाख रूपये और तमाम लोगों से कर्ज लेने की बात स्वीकार की गयी। साथ ही अमित दुबे द्वारा संस्वीकृति की गयी कि उसके द्वारा कर्ज के लेनदारों को रूपये वापस नहीं करने की बदनीयति से और उनको अपने अपहरण के झूठे मुकदमे में उनको फंसाने के उद्देश्य से उसके द्वारा स्वंय का अपहरण हो जाने का षड्यन्त्र रचा गया था। और वाक्यात बताया कि दिनांक 04 जुलाई 2020 को वह अपने लखनऊ स्थित आवास से सुनियोजित ढंग से अपनी कार व ड्राइवर खुद का रिस्कवर सहित इंश्योरेन्स कराया। अपने सामान्य परिचित व्यक्ति हरिगोपाल निवासी मथुरा से मिलने के लिए अमित ने हरिगोपाल से भगवान बिहारी जी का पेड़े का प्रसाद लेने की इच्छा की और अपने पिता व पत्नी को फोन पर बताया कि वह किसी प्रापर्टी डील के काम से मथुरा जा रहा है। अमित दुबे मथुरा के गोवर्धन पैलेस होटल जाकर हरिगोपाल से मिला और पेड़े का प्रसाद लिया और रास्ते से एक मैडिकल सिरिन्ज व रूई खरीदी और वहाँ से सीधे औरैया आया। औरैया स्थित हाईवे पर सिकन्दरा, कानपुर देहात से मिहौली, औरैया के बीच अपनी योजना को मूर्त रूप देने के लिए कार से एक दो बार चक्कर लगाता रहा फिर दिबियापुर रोड पर आया और एकान्त स्थान देखकर कार लखन वाटिका के पास पार्क की। चूंकि अमित दुबे चिकित्सा विषयक विशेष शिक्षा प्राप्त है, उसने सिरिन्ज से अपनी नशों से रक्त निकाला और कार की स्टीरिंग, गेयर, खिड़की आदि जगहों पर रक्त छिड़का। अपने रूमाल से हाथ से रिस रहा रक्त पोंछा। और अपने कुछ कपड़े, पर्स से सारे रूपये करीब 20 हजार, पेड़े और जरूरी चीजें लेकर कार में चाबी लगी हुई, शर्ट का कुछ भाग फाड़ कर डालकर, चप्पलें संदिग्ध अवस्था में पड़ी छोड़कर अपने को रोड किनारे लगे पेड़ों की आड़ से छिपाते हुए औरैया की ओर आया। जहां एक आटो मिलने पर सिकन्दरा, कानपुर देहात चला गया, वहीं सिरिन्ज, काटन व गैर जरूरी चीजें फैंक दी। जहां से एक प्राइवेट बस में सवार होकर जनपद आगरा पहुंचा, वहां अमित दुबे ने अपनी पहचान छिपाने हेतु अपने हेयर कट व सेविंग करवाई। आगरा से जनपद मुजफ्फर नगर होते हुए उत्तराखण्ड के जनपद हरिद्वार स्थित हरि की पौड़ी पर गया। कुछ दिन अमित दुबे ने ऋषिकेश, गौरी कुण्ड में बिताये। खुद को अपहृत साबित करने एवं बदमाशों द्वारा दी गयी यातनाओं व उनके चंगुल से छूटकर आने को सत्य प्रमाणित करने के उद्देश्य से अमित दुबे ने खुद ही एक धातु की पट्टी को गर्म कर के स्वंय पीठ के बल लेट लेट कर बार बार अपनी पीठ को जलाया और अपने सीने पर भी जलने के निशान बनाये। साथ ही अपने पैरों, हाथों, माथे व सिर पर मारपीट की चोट खुर्सट व जलने के निशान बनाये’’ और बयान में बताया कि उसे विद्युत करण्ट देकर यातना दी गयी। जबकि जनपद मथुरा के चिकित्सक द्वारा एमएलसी रिपोर्ट में चोटों का इलैक्ट्रिक बर्न के बजाय थर्मल बर्न होना अंकित किया है। इसी क्रम में विवेचक निरीक्षक शशांक राजपूत व स्वाट टीम द्वारा अमित दुबे को साथ ले जाकर उसकी निशानदेही पर साक्ष्य एकत्रित किये गये। वहीं पाया गया कि अमित दुबे द्वारा यह हीन कृत्य सिर्फ अपने द्वारा लिया गया कर्ज का पैसा वापस नहीं करने एवं कर्जदारों को अपने अपहरण के झूंठे मुकदमें में फंसाने के उद्देश्य से किया गया।
इनसेट में-
ऐशोआराम की जिंदगी जीने का शौकीन रहा है अमित
अमित दुबे के जानने वालों में से अधिकतर द्वारा बताया गया कि अमित दुबे ऐशोआराम की जिन्दगी जीने के लिए किसी भी हद तक जाने वाला व्यक्ति है, जिसके ऊपर जनपद लखनऊ, गांव लक्ष्मणपुर पिलख, औरैया और जालौन व तमाम अन्य जनपदों तक के लोगों का भारी भरकम कर्ज है।
फोटो-जानकारी देतीं पुलिस अधीक्षक,मौजूद यपर अपर पुलिस अधीक्षक व पकड़ा गया आरोपी

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