सीएम योगी ने विकास के लिए दिया आदेश, जानिए गोरखनाथ मंदिर की दुकानें क्यों टूटीं
- Last updated: Thu, 21 May 2020 12:00 AM

गोरखपुर में मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया तक निर्माणाधीन फोरलेन में बाधक बन रही गोरखनाथ मंदिर की दुकानों को पीडब्ल्यूडी के एनएच विभाग ने तोड़ना शुरू कर दिया है। बुधवार को मुख्य गेट से लेकर दूसरे गेट तक दो दर्जन से अधिक दुकानों को तोड़ दिया गया है। मंदिर परिसर से जुड़ी करीब 50 दुकानें तोड़ी जानी हैं। इन दुकानों को तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही अनुमति दे दी थी।
इन दुकानदारों को पास में ही प्रस्तावित मल्टीस्टोरी शापिंग काम्पलेक्स में शिफ्ट करने की योजना है। गोरखपुर के मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया तक करीब 17 किलोमीटर लंबे फोरलेन के निर्माण में आड़े आ रहीं गोरखनाथ मंदिर परिसर से सटी करीब दो दर्जन दुकानों को तीन दिन में ध्वस्त कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी पिछले तीन दिनों से गोरखनाथ ओवरब्रिज से मंदिर की तरफ जाने वाली दुकानों को तोड़ रहा है। फोरलेन के निर्माण के जद में गोरखनाथ ओवरब्रिज से राजेन्द्र नगर तक करीब 200 दुकानों के अलावा निजी लोगों की भी कुछ दुकानें अतिक्रमण की जद में हैं।
बता दें कि गोरखनाथ मंदिर के आसपास घंटों जाम से जूझना पड़ता था। सड़कों पर दुकानदारों का कब्जा रहता था। ऐसे में दुकानों के हटने से लोगों को विकास के साथ-साथ जाम से भी पीछा छूटेगा। दुकानदारों की राहत के लिए गोरखनाथ सब्जी मंडी में पांच मंजिला भवन तैयार हो रहा है, जिसमें दुकानों का निर्माण होगा। जीडीए में मानचित्र स्वीकृत होने के जमा किया गया है। इन दुकानों को प्रभावित दुकानदारों को दिया जाएगा। पीडब्ल्यूडी एनएच के परियोजना प्रबंधक एमके अग्रवाल का कहना है कि 30 जून तक फोरलेन का निर्माण पूरा करना है।
गोरखनाथ मंदिर के मुख्य गेट के आगे की दुकानें तोड़ी गई है। गुरुवार को भी अभियान आगे चलेगा।जाम से मिलेगा छुटकारा गोरखपुर वासियों को गोरखनाथ मंदिर के आसपास घंटों जाम से जूझना पड़ता था। सड़कों पर दुकानदारों का कब्जा रहता था। ऐसे में दुकानों के हटने से लोगों को विकास के साथ-साथ जाम से भी पीछा छूटेगा।
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