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निर्भया के दोषी विनय के छलके आंसू, पिता से मिलकर बोला- एक बार गले तो लगा लो

निर्भया के दोषी विनय के छलके आंसू, पिता से मिलकर बोला- एक बार गले तो लगा लो

उत्तरप्रदेशन्यूज़21

राजधानी दिल्ली में 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप केस (Nirbhaya Gang Rape Case) में चारों दोषियों की फांसी की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, उनकी मौत का डर बढ़ता जा रहा है. मंगलवार को क्यूरेटिव पिटीशन खारिज होने के बाद में से एक विनय शर्मा सबसे ज्यादा परेशान और बेचैन देखा गया. के सूत्रों के मुताबिक, शाम को विनय ने अपने पिता से मुलाकात की. ये मुलाकात जेलर ऑफिस में हुई. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान विनय कई बार फफक-फफक कर रो पड़ा. उसने पिता से खुद को एक बार गले लगाने की भी गुजारिश की.


फांसी की तारीख मुकर्रर होने के बाद निर्भया के सभी गुनहगारों को तिहाड़ जेल के कसूरी वार्ड नंबर 4 में रखा गया है.

जेल सूत्रों के मुताबिक, दोषी विनय अपने पिता से मुलाकात के दौरान दो बार लड़खड़ाकर गिरने वाला था. हालांकि, जेल कर्मियों ने उसे संभाल लिया. इन चारों की सेल में टीवी लगा हुआ है, जहां वे न्यूज़ देखते रहते हैं. टीवी के जरिए ही विनय और मुकेश को क्यूरेटिव पिटीशन के खारिज होने की खबर मिली.

मुकेश भी हुआ बेचैन, शाम को दायर की दया याचिका
तिहाड़ जेल के सूत्रों के मुताबिक, निर्भया के दोषी विनय के बाद अगर दूसरा अधिक परेशान होने वाला मुकेश था. बाकी पवन और अक्षय शांत और चुप थे. क्यूरेटिव पिटीशन खारिज होने के बाद मुकेश ने शाम को ही दिल्ली हाईकोर्ट में डेथ वॉरंट को चुनौती दी और राष्ट्रपति-उपराज्यपाल को दया याचिका भी भेज दी. डेथ वॉरंट को चुनौती देने वाली मुकेश की याचिका पर हाईकोर्ट में आज दोपहर सुनवाई होनी है. जेल में कैसे रहते हैं चारों दोषी?
जेल अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल चारों सामान्य रूप से खाना खा-पी रहे हैं. चारों में से किसी ने भी अभी तक जेल अधिकारियों के सामने अपना गुनाह कबूल नहीं किया है. ये आपस में ज्यादा बात भी नहीं करते. विनय और मुकेश रात में सो नहीं पा रहे हैं, शायद फांसी की डर की वजह से उनकी नींद उड़ी हुई है. जेल अधिकारियों के मुताबिक, चारों को देखने से ऐसा कुछ नहीं लगता है कि इन्हें अपने गुनाह का कोई पश्चाताप भी हो.

  पटियाला हाउस कोर्ट ने 7 जनवरी को जारी किया था डेथ वॉरंट
दिल्‍ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मामले के चारों दोषियों के खिलाफ 7 जनवरी को डेथ वॉरंट जारी किया था. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, चारों दोषियों को 22 जनवरी सुबह 7 बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया जाना है.

क्या है मामला?
ये मामला दिसंबर 2012 का है. जब चलती बस में 23 साल की पैरामेडिकल स्टूडेंट के साथ छह लोगों ने गैंगरेप किया था. इस दौरान सभी ने मिलकर उसके साथ क्रूरतम व्यवहार किया था और उसे घायल अवस्था में मरने के लिए सड़क पर फेंक दिया था. घटना के कुछ दिनों बाद 'निर्भया' की इलाज के दौरान मौत हो गई थी.

इस मामले में निचली अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्‍हें फांसी की सजा सुनाई थी. इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. हाईकोर्ट ने 13 मार्च 2014 को चारों दोषियों की अपील भी खारिज कर दी थी. शीर्ष अदालत ने वर्ष 2017 में दोषियों की याचिका खारिज कर दी थी. हाल ही में पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों का डेथ वॉरंट जारी कर दिया.

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