गाँव में लगा गंदगी का अम्बार, कागजों में स्वच्छ मुहल्ले।
रिपोर्ट दीपेन्द्र कुमार
जालौन
कुदरा करौंदी में बारिश होते ही लोगों की परेशानियां बढ़ने लगी है बंद नालियों एवं जाम रास्तों से पानी निकास की समस्या बढ़ रही है प्रधान द्वारा कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
भ्रष्टाचार की चरम सीमा इतनी बढ़ गयी है कि अधिकारियों को कमियां नजर ही नही आती । निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति होती है जहाँ पर वास्तविक में भ्रष्टाचार हुआ है वहाँ पर अधिकारियों को पहुंचने ही नहीं दिया जाता है उससे पहले ही निरीक्षण करने आए अधिकारी को लिफाफे थमा दिए जाते हैं और प्रधान द्वारा छोटी सी जगह को साफ कर उसी जगह का निरीक्षण करा दिया जाता है जबकि हकीकत कुछ और बयां करती है। जब निरीक्षण होने आता है तो निरीक्षण करने वाले अधिकारी गौशाला से लेकर नाली खड़ंजा सभी को देखा कर और सभी व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बता कर खाना पूर्ति करके चले जाते हैं । यह स्थिति किसी एक गांव की नहीं है जिले में लगभग दर्जनों गांव ऐसे होंगे जबकि हकीकत यह है कि गांव में गंदगी का अंबार लगा है जगह जगह जलभराव है गौशाला की स्थिति खराब है । बारिश होते ही नालियां पूरी तरह जाम हो जाती है और पानी लोगों के घरों में घुस जाता है महीना तक सफाई कर्मी दिखाई नहीं देता है कुछ दबंग लोग रास्तो एवं नालियों को बंद किए हुए हैं यदि कोई कुछ कहता है तो वह लोग झगड़े पर आमदा हो जाते हैं ग्राम प्रधान द्वारा अभी तक कुछ भी इंतजाम नहीं हुए हैं जबकि बारिश आए दिन हो रही है इस कुंभकरनी नींद से कब जागेगा प्रशासन और कब ऐसे लोगों को खिलाफ कार्रवाई होगी जो बास्तविकता में भ्रष्टाचार कर अपनी जेब गरम कर रहे हैं और ग्रामीणों को उसकी सजा भुगतनी पड़ रही है।

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