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लोगों की जमीन हड़पने के लिए सपाई बन गए भाजपाई!

ब्यूरो रिपोर्ट उत्तर प्रदेश न्यूज़21

निज स्वार्थ के लिए योगी सरकार के आदेशों की गलत व्याख्या कर लोगों को कर रहे हैं परेशान!

क्या माननीय न्यायालय से भी बड़े है यह श्रीमान!

ईंटो (जालौन)- जब योगी सरकार में भू माफियाओं की अवैध कब्ज़ा करने की कोशिश नही चली तो उन्होने पाला बदलना उचित समझा! लोगों की जमीन पर अवैध कब्ज़ा करने के लिए पहले तो गलत जगह का मुआयदा कराया जब दाल नही गली तो भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली! लोगों की जमीन हड़पने के लिए सपाई भाजपाई बन गए! निज स्वार्थ के लिए योगी सरकार के आदेशों की गलत व्याख्या कर लोगों की जमीन पर कब्ज़ा करने और उन्हें धमकाने की कोशिश कर रहे हैं! योगी सरकार का सख़्त आदेश है कि किसी भी व्यक्ति को परेशान न किया जाए और न्यायालय का सम्मान किया जाये! परंतु कुछ दिन पूर्व सपाई से भाजपाई बने महेश तिवारी योगी सरकार के आदेशों की ही धज्जियां उड़ाने पर आमादा है! या यो कहे भाजपाई चोला ओढ़कर लोगो की जमीन हथियाने की कोशिश मे लगे है! लोगों की झूठी शिकायत कर उन्हें मुकदमा लिखाने का भय दिखा रहे हैं! पीड़ित लोगों ने इस सम्बंध मे प्रार्थना पत्र भेजकर उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है! ग्राम ईंटो की आराजी 556 पर मा सिविल न्यायालय मे दो मुकदमे विचाराधीन है! महेश तिवारी ने अपने भाई दिनेश तिवारी के नाम गौरव मिश्रा से आराजी 556 के कुरा 3 का मुआयदा करा लिया! जब कि कुरा 1 मे गौरव मिश्रा का नाम है पंरतु वह आज तक काबिज नही है! कुरा 1 पर आराजी के मालिक शिवनंदन दुबे द्वारा वसीयत में प्राप्त उनके नाती अतुल दुबे काबिज हैं! नियमानुसार व सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार नाबालिग को वसीयत मे प्राप्त संपत्ति का विक्रय नही हो सकता! परंतु फिर भी गलत तरीके से क्रय विक्रय किया गया! जिसका मुक़दमा आज भी चल रहा है! फिर गोल मोल करके खतौनी से अतुल दुबे का नाम हटवाया गया! परंतु आराजी पर अतुल दुबे जो कानूनन वसीयत के अनुसार मालिक है वह काबिज हैं! अतुल दुबे ने अपनी संपत्ति का बालिग होने पर भूखंडों में विभिन्न लोगों को बैनामा किया है और वह लोग काबिज है! अब मुआयदा करने व कराने वाले लोग कुरा 1 के साथ कुरा 3 पर भी अवैध दस्तावेज जिस पर मुकदमा चल रहा है की आड़ में कब्ज़ा करना चाहते हैं! व आवासीय लोगों को बेदखल करना चाहते हैं! लोगों का कहना है कि जो माननीय न्यायालय का निर्णय होगा वह सर्वमान्य होगा! परंतु प्रतीत होता है कि निज स्वार्थ हेतु सपाई बने भाजपाई लोग न्यायालय से भी बड़े है! निज स्वार्थ के लिए सपाई बने भाजपाई की यह कार्यशैली योगी सरकार के नियमो के विरुद्ध है! भाजपाइयों को इस ओर ध्यान देना होगा कि जब एक सपा का प्रचारक कार्यकर्ता भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर रहा है तो उसका उद्देश्य क्या है! या सिर्फ भाजपा के नाम पर रौब दिखाने या जनता को परेशान करने या अपना बचाब करने के लिए सदस्यता लें रहे हैं!

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