रिपोर्ट संजय गुप्ता ईंटो
(जालौन)
ग्राम नाहिली में स्व गिरीश चंद्र त्रिपाठी की ग्यारहवी पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में आयोजित श्रीराम कथा में पंडित राघव किशोर ने रामकथा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि धनुष अहंकार का प्रतीक है और अहंकार तोडा भगवान का सरल स्वभाव है। उन्होंने कहा कि अहंकार के नाश के लिए गुरु कृपा का होना अति आवश्यक है। जब तक जीवन में अभिमान रहेगा। तब तक भगवान की प्राप्ति संभव नहीं है। भगवान ने स्वयं अवतार लेकर गुरु महिमा का दर्शन करवाया। बिना गुरु कृपा के ज्ञान की प्राप्ति भी संभव नहीं हो सकती। कथवाचक रमेश रामायणी ने कहा रामकथा के श्रवण से मन के राग, द्वेष, ईर्ष्या, और भेदभाव स्वतः समाप्त हो जाते हैं। यह मन को शांत कर हिंसक भावनाओं का रोकती है।कथा वाचक राजेश परधानी ने राम नाम की महिमा बतलाते हुए कहा कि राम का नाम अनमोल है, यदि पापी भी राम का नाम लेता है तो उसे सदगति मिल जाती है। जिसके ह्दय में प्रभु के प्रति भाव जागते हैं,कार्यक्रम आयोजक जिला कार्यवाह आरएसएस गौतम त्रिपाठी ने कहा जिस पर हरि कृपा होती है। वह मनुष्य ही प्रभु की कथा में शामिल होता है। श्रीराम कथा का मनोयोग से श्रवण कर उसके उपदेश को जीवन में उतारें। तभी कथा की सार्थकता है। मन व ध्यान की एकाग्रता से हर कार्य में सफलता मिलती है। भगवान का आगमन सदैव धर्म की रक्षा के लिए हुआ है। रामायण हमें समाज के संस्कार, अच्छे-बुरे की पहचान सिखाती है। सच्ची भक्ति से ही भगवान की प्राप्ति की जा सकती है|शनिवार को श्रीराम कथा में आये हुए अतिथियों ने स्व गिरीशचंद्र त्रिपाठी को श्रद्धांजलि अर्पित की|इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष उर्वजा दीक्षित, ब्लॉक प्रमुख अजीत बेरा, रामू द्विवेदी, भाजपा नेता उदयन पालीवाल, पुष्पेंद्र सेंगर, अशोक सेंगर,शिक्षक नेता ठाकुरदास यादव, धर्मेंद्र चौहान, सुरेंद्र परिहार, अजय भदौरिया, विपिन कुशवाहा,सहित सैकड़ो श्रद्धालु मौजूद रहे|

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