दर-दर भटकती विधवा, दलित महिला मुख्यमंत्री आवास के लिए ।
ग्राम पंचायत कोठी पुर विकासखंड भाग्य नगर में एक दलित बिधबा भूमिहीन महिला उर्मिला देबी जिसके पास एक कायदे की झोपड़ी भी नहीं है कई बरसों से एक मकान के लिए तरस रही है पिछले वर्ष तहसील से आर्थिक सहायता मिली 3500 रुपए तो आस जगी कि सायद एक गरीब को अबास का सपना पूरा होगा इसके पास भी अपनी छत होगी लेकिन कर्मचारियों की संबेदनहीता ने उस महिला का सपना चकना चूर कर दिया बह महिला जब आबास की फीडिंग कराने ब्लॉक गई तो उससे कह दिया गया कि तुम्हें 2014 में आबा स मिल चुका है और उसे अपात्र घोषित कर दिया गया किसी कर्मचारी ने इतनी संवेदना नहीं दिखाई कि चंद कदम पर बैंक में जाकर देखले कि बास्तब में उस महिला के खाता में रुपया पहुंचा कि नहीं इतनी फुरसत किसी के पास कहां है हमने जब बैंक जाकर देखा तो कोई रुपया उसके खाते में नहीं पहुंचा था जिले के अधिकारियों से कई बार सम्पर्क किया तो बहुत ही मुश्किल से उस महिला को आवास मुख्यमंत्री पात्र फीड करवाया लेकिन फिर देखिए कर्मचारियों की संवेदन हीनता कि उस महिला को 2022 23 के लिऐ फ़ीड करा दिया 1 साल के लिए फिर उस महिला को झोपड़ी। में रहने के लिए मजबूर कर दिया बरसात के मौसम में कैसे कतेंगी इस आबा स बिहीन महिला की झोपड़ी में रातें धन्य है कर्मचारी। प्रधान कोठीपुर ग्राम पंचायत का मामला आखिर क्यों नहीं ले रहे हैं उच्च अधिकारी मामले को संज्ञान में।
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