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भागवत कथा में गोवर्धन पूजा के साथ व्यास जी को विधायक दिबियापुर ने प्रतीक चिन्ह देकर किये छप्पन भोग के दर्शन

भागवत कथा में गोवर्धन पूजा के साथ व्यास जी को विधायक दिबियापुर ने प्रतीक चिन्ह देकर किये छप्पन भोग के दर्शन

उत्तरप्रदेश न्यूज़ 21 संवाददाता फफूंद/औरेया नगर में स्थित बाबरपुर रोड पर बड़ी  माता मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के   छटवें दिन गुरुवार को  नवनिर्वाचित  दिवियापुर विधानसभा के विधायक प्रदीप यादव ने व्यास जी साध्वी संगीता कृष्ण प्रिया दीदी जी को पीतांबरी उड़ा कर भगवान कृष्ण का प्रतीकचिन्ह भेट कर माता रानी के दर्शन मां का लिया आशीर्वाद।
गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग कथा वर्णन किया गया। कथा में गोवर्धन पूजा की दिव्य कथा विस्तार पूर्वक सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
कथा वाचक साध्वी संगीता कृष्ण प्रिया दीदी जी ने भगवान गिरिराज जी महाराज के समक्ष सुंदर छप्पन भोग के दर्शन कराये गये। उन्होंने यह भी बताया कि जहां सत्य एवं भक्ति का समन्वय होता है, वहां भगवान का आगमन अवश्य होता है। जब भगवान श्रीकृष्ण नंद गांव पहुंचे तो देखा कि गांव में इंद्र पूजन की तैयारी में 56 भोग बनाए जा रहे हैं। श्रीकृष्ण ने नंद बाबा से पूछा कि कैसा उत्सव होने जा रहा है। जिसकी इतनी भव्य तैयारी हो रही है। नंद बाबा ने कहा कि यह उत्सव इंद्र भगवान के पूजन के लिए हो रहा है। क्योंकि वर्षा के राजा इन्द्र है और उन्हीं की कृपा से बारिश हो सकती है। इसलिए उन्हें खुश करने के लिए इस पूजन का आयोजन हो रहा है। इस पर श्रीकृष्ण ने इंद्र के लिए हो रहे यज्ञ को बंद करा दिया और कहा कि जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल मिलता है। इससे इंद्र का कोई मतलब नहीं है। ऐसा होने के बाद इंद्र गुस्सा हो गए और भारी बारिश करना शुरु कर दिए। नंद गांव में इससे त्राहि-त्राहि मचने लगी तो भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को ही उठा लिया। नंद गांव के लोग सुरक्षति हो गए। इसके बाद से ही गोवर्धन पूजा का क्रम शुरु हुआ। गोवर्धन भगवान की पूजा सभी भक्तों को पंडित द्वारा विधि विधान से कराई गई। इसके अलावा भगवान कृष्ण की बाल लीला, माखन चोर लीला का प्रसंग भी विस्तार पूर्वक समझाया। अन्त में आरती के पश्चात सभी को छप्पन भोग का दिव्य प्रसाद वितरित कराया गया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में महिला-पुरूष पहुंचे श्री गोवर्धन महाराज की परिक्रमा कर आरती की गई ।

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