चैत्र नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में हुई माता शैलपुत्री की पूजा
फफूंद,औरैया। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन शनिवार को देवी मंदिरों में दर्शन पूजन को भक्त उमड़े, लेकिन भीड़ भाड़ ज्यादा नहीं रही। घरों में माता रानी की पूजा की गई, साथ ही कलश की स्थापना भी हुई। माता रानी के दर्शन किए और मनोकामना मांगी। मंदिरों के बाहर पुलिस फोर्स तैनात रहा। इसके अलावा नव संवत भी कस्बा में धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने एक दूसरे को हिंदू नववर्ष की बधाई दी।
कस्बा व क्षेत्र के देवी मंदिरों के बाहर शनिवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। सिर पर लाल चुनरी, हाथों में पूजा की थाली लिए श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर के बाहर लाइन में लगी हुई थी। सबसे ज्यादा श्रद्घालु ककोर मार्ग पर गांव जैतपुर में के पास में स्थित महामाया मंगलाकाली मंदिर पर देखने को मिली। मन्दिर के पुजारी आमोद दास ने बताया कि यह मंन्दिर बहुत ही पुराना मन्दिर है। यहां पर माता काली अपने आप प्रकट हुई थी। यहां की मान्यता है कि जो भी भक्त अपनी मनोकामना लेकर आता है और 11 या 21 शुक्रवार पूरे करने की कहता है। माता इसी बीच एक शुक्रवार को अपने भक्त की परीक्षा लेती है और उस शुक्रवार को अगर मन्दिर में भक्त आता है तो उसके सारे काम बन जाते हैं। मन्दिर में कानपुर, लखनऊ, दिल्ली व अन्य जगह से लोग आते हैं। पहले दिन मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की आराधना हुई। पूरे दिन मंदिर में घंटा-घड़ियाल गूंजते रहे। इसके अलावा घर-घर मां की चौकी लगाकर सजाकर स्थापना की गई।
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