वीरांगना झलकारी बाई का बलिदान दिवस शोर्य दिवस के रूप मे मनाया
फफूंद,औरैया। सोमवार को वीरांगना झलकारी बाई के चित्र पर सर्वप्रथम सभी कोरी समाज के लोगों ने माल्यार्पण किया। जिसका संचालन सुरेश सिंह व कमल सिंह ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कोरी समाज के जागृत महासभा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष बेचेलाल कोरी ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई कोरी समाज में पैदा तो हुई थी, लेकिन उनके बलिदान दिवस को कोरी के द्वारा न मना कर सर्व समाज को मनाना चाहिए। वीरांगना झलकारी बाई ने अपना जीवन देश पर वलिदान किया है। इस लिए सर्व समाज को बलिदान दिवस मनाना चाहिए, और उनको याद किया जाना चाहिए। वही इसी क्रम में मंजू देवी ने कहा कि वीरांगना हम कोरी समाज की विरासत है। हमें संभाल कर रखना चाहिए, तथा हर नारी को वीरांगना झलकारी बाई से प्रेरणा लेनी चाहिए। इसी क्रम में डॉक्टर शिवा ने वीरांगना झलकारी बाई के संघर्षमय जीवन पर विस्तार से जानकारी दी। जिसमे बताया कि उन्होंने अंग्रेजों से लगातार 12 घंटे तक युद्ध लड़ा, और 4 अप्रैल 1958 को वह अंग्रेजों से लड़ती हुई वीरगति को प्राप्त हो गई। इस कार्यक्रम के मौके पर नवाव सिंह, रमेश चंद्र, हरनारायण, अरविंद पाल, अजय कुमार, शिवनाथ, गोपी कोरी, गोरेलाल प्रजापति, अजय सिंह यादव, अमर सिंह गौतम, प्रदीप दुबे, सतीश तिवारी, अजय तिवारी, योगेंद्र गौतम, अजब सिंह यादव, सुरेश चंद्र गुप्ता, आदि सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे।
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