शिक्षक पद पर ज्वानिंग के लिए आये कृष्णमुरारी ने प्रस्तुत की ईमानदारी की मिशाल
ए.टी.एम. से अतिरिक्त निकली धनराशि बैंक को वापिस लौटाई
औरैया। आज पैसे के लिए लोग एक दूसरे के प्रति घात-प्रतिघात करने से नहीं चूकते। एक प्रकार से देखा जाये तो अर्थ युग में प्रायः लोगों ने भगवान का दूसरा रूप पैसे को ही मान लिया है, किन्तु ईमानदारी आज भी कायम है, और उसका उदाहरण प्रस्तुत किया। प्रयागराज से शिक्षक नौकरी की ज्वानिंग करने आये कृष्ण मुरारी ने।
गुरूवार को दोपहर लगभग 12 बजे कृष्णमुरारी ने औरैया नगर के बस स्टैण्ड स्थित यूनियन बैंक के ए.टी.एम. से दस हजार रुपए की निकासी की। प्रक्रिया के बाद जब मशीन से पैसे बाहर निकले तो वह यह देखकर हैरान रह गये, कि उन्नीस हजार रूपये मशीन से बाहर निकले है। उन्होंने पुनः पूरी रकम को गिना और इसके बाद यूनियन बैंक के शाखा प्रबन्धक उमाकान्त शर्मा से सम्पर्क कर उन्होंने पूरी बात बताते हुये नौ हजार की अतिरिक्त धनराशि वापिस की। कृष्णमुरारी ने कहा कि जीवन में ईमानदारी अच्छा गुण है,और आप उससे संतुष्टी प्राप्त करते है। साथ ही जब वह एक शिक्षक के रूप में समाज में स्थान प्राप्त करने जा रहे है, तो स्वयं के जीवन में ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ होना अति आवश्यक है। जब हम अपना आचरण दुरूस्त रखेगें तब कहीं देश व समाज को अच्छे विचारवान नागरिक दे पायेगें, क्योंकि एक शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाता ही नहीं है , अपितु देश को अच्छे नागरिक भी देता है। उनके आचरण व विचारों की बैंक कर्मचारियों ने प्रंशसा करते हुए उनका धन्यवाद दिया। बैंक के शाखा प्रबन्धनक श्री शर्मा ने कहा कि आज-कल लोगों में ईमानदारी कम ही देखने को मिलती है। कृष्णमुरारी न सिर्फ ईमानदार है , बल्कि इनकी सोच निःसन्देह इन्हें एक महान शिक्षक बनाने में सहायक सिद्व होगी। हम सभी बैंककर्मी उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते है।
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