औरैया जीरो टालरेंस नीति के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से भ्रष्ट
उत्तरप्रदेश न्यूज़ 21 संवाददाता, औरैया: जीरो टालरेंस नीति के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस कड़ी में जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा को
निलंबित किया गया है। अब उनकी संपत्तियों व कार्यकाल के दौरान निजी तौर पर फायदा पहुंचाने को लेकर जो कार्य हुए, उसकी जांच शुरू है। यहां पर शासन की ओर से जिले की 23 गोशालाओं व दो ट्रस्ट के खजाने का लेखाजोखा जांचने की तैयारी है। इसके लिए प्रशासन से दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।जनवरी 2021 में सुनील कुमार वर्मा को शासन ने जिले की कमान सौंपी थी। जिलाधिकारी का पद ग्रहण करने के तकरीबन छह माह बाद उन्होंने दो प्रमुख ट्रस्ट का गठन किया था। जो कि महाकालेश्वर देवकली व मां मंगला काली देवस्थान एवं गोवंश संरक्षण संवर्धन ट्रस्ट औरैया और जिला प्रदर्शनी-मेला समिति नाम से बनी थी। जिला प्रदर्शनी नुमाइश मैदान से जुड़ी थी। जहां हर साल मेले का आयोजन
होता है। सावन व शरदोत्सव मेला प्रमुख है। मेले में अहम भूमिका खनन से जुड़े श्रीधर पांडेय उर्फ मखलू की रहती है। जो कि सुनील कुमार के कहीं न कहीं संपर्क में ज्यादा थे। निलंबन बाद प्रकाश में आ रहे मामलों के बाद विजिलेंस की ओर से सुनील कुमार की ओर से जिन ट्रस्ट का गठन किया गया, उसकी जांच भी शुरू है। इसके अलावा जिले में संचालित 44 अस्थाई गोशाला व आश्रय स्थलों में 23 को
अलग-अलग संस्थाओं और ट्रस्ट को दिया गया। यहां पर ग्राम प्रधान व सचिव के अधिकारियों को छीनने का कार्य हुआ था। गोशालाओं में दरवटपुर, सिखरना, खरका और करचला समेत पांच गोशाला से
ट्रस्ट द्वारा नाता कुछ माह पहले तोड़ दिया गया था। इसके पीछे का क्या कारण था। फिलहाल, यह जांच का विषय है। इसके लिए ट्रस्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ की तैयारी है।
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