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33 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद

*33 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद*

*अब 10 मार्च का करना होगा इंतजार*

*दिबियापुर सीट पर पूर्व विधायक व वर्तमान राज्यमंत्री थे आमने-सामने*

*बिधूना सीट पर वर्तमान विधायक की पुत्री तो पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पुत्र वधू थी मैदान में*

*औरैया सदर सीट पर सांसद की प्रतिष्ठा दांव पर* 

*औरैया।* रविवार को जिले में तीसरे चरण में मतदान प्रक्रिया प्रशासन और पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था की संपन्न हुई। तीनों विधानसभाओं के कुल 33 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला अब ईवीएम में कैद हो गया है। इन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 10 मार्च को आएगा।
गली-गली चली चौपाल और चुनावी शोरगुल अब इस जनपद में थम गया है। रविवार को तीसरे चरण में औरैया में मतदान संपन्न हो गया। प्रशासन व पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चुनाव संपन्न कराया, जैसा कि अनुमान था ठीक उसी अनुसार जनपद में वोट भी पडे। देर शाम तक चली मतदान प्रक्रिया में कुछ जगह से छिटपुट घटनाओं की खबर मिली है। जिले की तीनों विधानसभाओं औरैया सदर, दिबियापुर एवं बिधूना को मिलाकर कुल 33 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, या यह कह दे कि प्रत्येक विधानसभा में 11-11 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे। ऐसे में इन सभी उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया, और नतीजा 10 मार्च को आएगा तब तक इन प्रत्याशियों को अपने-अपने भाग्य के फैसले का इंतजार करना होगा। बस इस बार का चुनाव इस जनपद में कई मायनों में अलग रहा है। क्योंकि मुलायम के साढू अब सपा का चोला उतार कर भगवा रंग में रंगे हुए हैं, तो वही बिधूना से सिटिंग विधायक विनय शाक्य भले ही सपा में शामिल हो गए हैं, लेकिन उनकी पुत्री रिया शाक्य भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में थी। इसके अलावा इसी सीट पर सपा से उम्मीदवार रेखा वर्मा के देवर दिनेश वर्मा जो कि पूर्व में विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। वह भी कुछ दिनों पूर्व भाजपा में शामिल हो गए हैं। तीसरे चरण में हुए मतदान में कई ऐसे चेहरे थे जोया तो पूर्व विधायक रह चुके हैं या फिर मौजूदा समय में विधायक होने के साथ-साथ वर्तमान सरकार में मंत्री भी हैं बात अगर दिबियापुर  विधानसभा पर ही करें तो यहां से सपा के टिकट पर पूर्व विधायक प्रदीप यादव मैदान में थे, वही भाजपा ने मौजूदा विधायक एवं राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत को चुनाव मैदान में उतारा था इन दोनों प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया। इसके साथ ही बिधूना सीट पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धनीराम वर्मा की पुत्रवधू रेखा वर्मा और सिटिंग विधायक विनय शाक्य की पुत्री रिया शाक्य का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया। इसके अतिरिक्त औरैया सदर विधानसभा सीट पर सपा के उम्मीदवार जितेंद्र दोहरे और भाजपा उम्मीदवार गुड़िया कठेरिया जोकि मौजूदा सांसद रामशंकर कठेरिया की नजदीकी रिश्तेदार बताई जाती हैं, इनका फैसला भी अब ईवीएम मशीन में सुरक्षित हो गया। अब 10 मार्च को इन सभी प्रत्याशियों के नतीजे आएंगे। देखना यह होगा कि 10 मार्च को किसके सर ताज बंधेगा और कौन हताश होकर वापस लौटेगा।

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