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हाफ़िज़-ए-बुख़ारी का सालाना उर्स रदद्

*हाफ़िज़-ए-बुख़ारी का सालाना उर्स रदद्*

*फफूंद,औरैया।* हिंदुस्तान की सुप्रसिद्ध ख़ानक़ाह आस्ताना आलिया समदिया मिसबाहिया फफूंद शरीफ में हर साल होने वाला हुज़ूर हाफ़िज़े बुख़ारी रहमतुल्लाह अलैह का एक सौ बीसवां उर्स पिछले साल की तरह इस साल भी कोरोना के बढ़ते प्रकोप व कोविड-19 गाइडलाइंस के चलते रदद् कर दिया गया। यह जानकारी ख़ानक़ाह के सज्जादा नशीन सैयद मु०अख़्तर चिश्ती मिस्बाही ने दी है। उन्होंने प्रेस नोट के माध्यम से मीडिया को बताया कि ये हुज़ूर हाफिज़े बुख़ारी का इस साल आगामी 20,21,22 जनवरी  को होने वाला ये 120 वां सलाना उर्स था, मगर पिछले साल की तरह इस साल भी कोरोना के बढ़ते मामलों व कोविड गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए रदद् कर दिया गया। उन्होंने बताया कि उर्स में उत्तर प्रदेश के अलावा मुल्क के अनेक राज्यों से हजारों की संख्या में लोग (श्रद्धालु)ख़ानक़ाह उर्स में  शामिल होने के लिए आते थे।
वहीं उन्होंने ख़ानक़ाह से अकीदत रखने वाले मुरीदों (लोगों) से इस साल भी उर्स में आने से मना किया और अपने अपने घर पर ही फातिहा कर सवाब हासिल करने को कहा और कड़ाके की ठंड को देखते हुए उन्होंने मुल्क तमाम मुसलमानों विशेष रूप से ख़ानक़ाह से अक़ीदत रखने वाले लोगों से गरीबों और बे सहारा लोगों को गरम कपड़े व कंबल देकर सर्दी से उन्हें राहत पहुंचाकर  उनकी दुआएं लेने की अपील की है।वहीं हर साल उर्स को लेकर खनक़ाह में उर्स की तैयारियां एक माह पूर्व ही जोरों से होने लगती थी और नगर के घरों में भी उर्स को लेकर साफ सफाई शुरू होजाती थी और उर्स के दौरान घरों में मेहमानो की भीड़ जमा होती थी जिससे गलियां गुलज़ार रहती थीं वहीं ख़ानक़ाह आने वाले हजारों लोगों से खनक़ाह के आसपास के अलावा नगर में चहल पहल के साथ एक अजीब रौनक देखने को मिलती थी पिछली साल की तरह इस साल भी कोरोना के चलते उर्स न होने की वजह से नगर व ख़ानक़ाह में सन्नाटा पसरा रहेगा तो वहीं उर्स न होने की वजह से लोगों के चेहरे पर मायूसी देखने को मिलेगी।

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