*विधायक की बेरुखी भुलक्कड़पन से अधिकांश गांवों में समस्याओं का अंबार*
*विधायक का साढे 4 साल का विकास लोगों के नहीं उतर रहा गले बढी नाराजगी*
*बिधूना,औरैया।*, दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक एवं प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री की क्षेत्र के प्रति अपनाई गई बेरुखी एवं भुलक्कड़पन के साथ ही अपने स्वजातीय लोगों से घिरे रहने से क्षेत्र में समस्याओं का अंबार लगा होने को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है वही कृषि राज्य मंत्री द्वारा भाजपा सरकार के लगभग साढ़े 4 वर्ष के कार्यकाल मेंं क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का गुणगान कर जो आंकड़े प्रस्तुत किए जा रहे हैं। क्षेत्रीय जागरूक लोग उसे काफी हास्यास्पद मानकर संभावित विधानसभा चुनाव में उनसे क्षेत्र के विकास का हिसाब मांगने को भी उतावले नजर आ रहे हैं।
भले ही प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार अपने साढे 4 वर्ष के कार्यकाल में प्रत्येक क्षेत्र का विकास करने के साथ ही समाज के हर वर्ग को लाभान्वित करने का गुणगान कर अपने मुंह मियां मिट्ठू बनकर अपनी पीठ थपथपाई जा रही है लेकिन जमीनी हकीकत पर देखने में आ रहा है कि दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक लाखन सिंह राजपूत के प्रदेश सरकार में कृषि राज्य मंत्री के ओहदे पर पहुंच जाने के बावजूद भी दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है।भाजपा शासन के कार्यकाल में इस क्षेत्र में कोई भी एक ऐसा कार्य नहीं हुआ है जिसे लोग भाजपा की उपलब्धि मान सकें। विधानसभा चुनाव सन्निकट मान कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत अपने साढ़े 4 वर्ष के क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों को बताने का प्रयास कर रहे किंतु क्षेत्र के जागरूक लोग उनके द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे आंकड़ों को हास्यास्पद मान रहे हैं। इस क्षेत्र में सबसे अधिक दुर्दशा बिधूना विधानसभा क्षेत्र की सीमा पर स्थित है गांवों की है। आलम यह है कि इस क्षेत्र के ग्राम बिकूपुर, मोर्चा, कटरानकी, भाईपुर, हमीरपुर, रावतपुर, जुगराजपुर, चपोरा, रुरूगंज, हरचंदपुर, पुर्वा कमलसिंह, पुर्वामके, जागूपुर, रुपपुर, उडेलापुर रुरुकला, रायपुर, तुलसीपुर, रामनगर, बिमटामऊ, मड़ैया, तिलकपुर, सरमेढी, पुर्वा भदौरिया, बैलीपुर, भसोरा, जागूपुर, दखनाई, रामपुर, बामपुर व मुरचा आदि गांवों में समस्याओं का अंबार लगा होने से लोग बेहद परेशान हैं। पक्की सड़क खड़ंजा नाली शौचालय के अभाव में लोग बेहद दुखी है। उपरोक्त गांव के तमाम ऐसे परिवार हैं जो आवास के अभाव में झोपड़पट्टी में रहने को विवश है। गांवों को ओडीएफ घोषित कर दिए जाने के बावजूद भी आज भी 80% लोग शौचालय के अभाव में खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। क्षेत्र की जनता का दर्द है कि क्षेत्रीय भाजपा विधायक के विधायक मंत्री बनने के बाद उनके द्वारा इन गांवों के प्रति ऐसी बेरुखी अपनाई गई कि वे इन गांवों के लोगों के दुख दर्द को पूरी तरह भूल सा गए। क्षेत्र में आमतौर पर चर्चा है कि मंत्री बनने के बाद क्षेत्र के विकास की कौन कहे लोग उनके दीदार को भी लोग तरस गए । मंत्री बनने के बाद वह जब भी कहीं क्षेत्र में आए तो वह सिर्फ अपने स्वजातीय व चहेतों से ही गिरी रहे आम लोग मंत्री से मिल भी नहीं सके। क्षेत्र के लोग अपने विधायक के प्रति नाराजगी का इजहार करते हुए संभावित विधानसभा चुनाव में उनसे क्षेत्र के विकास का हिसाब मांगने को भी काफी उतावले नजर आ रहे हैं वहीं भाजपा के प्रति जनता की नाराजगी के मद्देनजर इस क्षेत्र के सपाइयों के हौसले काफी बुलंद नजर आ रहे हैं। वैस जिले के भाजपाई जनता की नाराजगी की बात नकारते हुए इस क्षेत्र से पुनः भाजपा का विधायक चुने जाने के दावे ठोंक रहे हैं।
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