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नवजात की समुचित देखभाल-जीवन बनाये खुशहाल "सुरक्षा,गुणवत्ता और बेहतर देखभाल - एक नवजात का जन्म सिद्ध अधिकार"थीम पर मनेगा नवजात शिशु देखभाल सप्ताह

नवजात की समुचित देखभाल-जीवन बनाये खुशहाल 
"सुरक्षा,गुणवत्ता और बेहतर  देखभाल - एक नवजात का जन्म सिद्ध अधिकार"थीम पर मनेगा नवजात शिशु देखभाल सप्ताह
सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट में नवजात बच्चों की होती  है विशेष देखभाल -डॉ सोनी
इटावा।।नवजात शिशु देखभाल सप्ताह सोमवार से विधिवत शुरू हो चुका है, जो 21 नवंबर तक मनाया जाएगा |  इस सप्ताह की थीम ,"सुरक्षा गुणवत्ता और बेहतर  देखभाल - प्रत्येक नवजात का जन्मसिद्ध अधिकार" रखी गई है। इसी के तहत जिला अस्पताल के साथ सभी सीएचसी, पीएचसी पर नवजात शिशु की बेहतर देखभाल के लिए नवजात शिशु की मां को जागरुक किया जा रहा है | यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भगवान दास का । सीएमओ ने बताया - नवजात की समुचित देखभाल की सही जानकारी होने पर बचपन को खुशहाल बनाया जा सकता है। शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकता है | इसी को ध्यान में रखते हुए नवजात शिशु देखभाल सप्ताह को मनाया जाता है और हर वर्ग को जागरूक करने का प्रयास किया जाता है।
सिक न्यूबार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) के डॉ गिरधारी लाल सोनी ने बताया - लेबर रूम और आपरेशन थियेटर (ओटी) के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए प्रसव के दौरान नवजात की देखभाल व गंभीर शिशु देखभाल को चिन्हित किया जाता है |  जिन शिशुओं को दूध पीने में कमी या तेजी से सांस लेना या सांस लेने में कठिनाई, दौरे पड़ना- झटके आना, असामान्य रूप से शरीर में ठंडक, सामान्य से कम शारीरिक गतिविधि, बुखार पूरे शरीर में पीलापन जैसे लक्षण दिखते  हैं तो उन्हें एसएनसीयू में भर्ती किया जाता है और उचित देखभाल की जाती है। उन्होंने बताया - नवजात शिशु की देखभाल के लिए सारी सुविधाएं दवाइयां जिला अस्पताल में उपलब्ध रहती हैं । डॉ सोनी ने बताया - जिला अस्पताल में ओपीडी एसएनसीयू के तहत नवजात शिशु की देखभाल के लिए नवजात शिशुओं की माताओं को काउंसलिंग की  जाती है | इसके साथ ही गंभीर बच्चों के इलाज के लिए निशुल्क सलाह व दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं ।
 डॉ सोनी ने बताया - सामान्य या सिजेरियन प्रसव के एक  घंटे के अंदर नवजात को मां का पहला पीला गाढ़ा दूध पिलाया जाता है। शिशु की उचित देखभाल के लिए छह  माह तक केवल मां के दूध को पिलाया जाए कोई ऊपरी आहार न   दिया जाए | इस संदर्भ में विशेष जानकारियां नवजात शिशु की मां को दी जाती हैं। शिशु को जन्म के बाद तुरंत विटामिन के  की खुराक के साथ-साथ बीसीजी ओपीवी तथा हेपेटाइटिस के टीके भी लगवाए जाते हैं। मां शिशु की त्वचा से त्वचा का संपर्क कर कंगारू केयर दिलवाई जाती है। कंगारू मदर केयर के संदर्भ में माताओं को विस्तृत जानकारी भी दी जा रही है।
नवजात शिशु की देखभाल के लिए जिला अस्पताल एसएनसीयू यूनिट में दी जाने वाली सुविधाएं
एसएनसीयू यूनिट के प्रभारी  अजित तिवारी ने बताया - नवजात शिशु देखभाल सप्ताह पर विभिन्न गतिविधियों से हम जागरूकता तो फैला ही रहे हैं, इसके अलावा  हर समय जिला अस्पताल की एसएनसीयू यूनिट नवजात शिशुओं को उचित देखभाल करने के लिए तत्पर रहती है | उन्होंने एएनसीयू सुविधाओं के बारे में जानकारी दी-

* चिकित्सालय में जन्मे सभी बच्चों की उचित देखभाल  के लिए दिन में तीन बार डॉक्टर नवजात शिशु का परीक्षण करते हैं।
* चिकित्सालय में जन्मे बच्चे या बाहर जन्मे कम वजन के बच्चों को एसएनसीयू में भर्ती किया जाता है।
*कंगारू मदर केयर ऐप के द्वारा नवजात शिशु की देखभाल की जाती है और ऐप के माध्यम से प्राप्त जानकारियों को उच्च अधिकारियों का लखनऊ मुख्यालय तक भेजा जाता है।
*जन्म से लेकर 28 दिन तक के बच्चों के लिए एसएनसीयू ओपीडी सुविधाएं उपलब्ध है।

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