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जाति और धर्म सम्प्रदाय के नाम पर की जा रही राजनीति से निश्चय ही देश का पतन होना सम्भव -: सतेन्द्र सेंगर "राष्ट्रीय अध्यक्ष" मीडिया अधिकार मंच भारत

जाति और धर्म सम्प्रदाय के नाम पर की जा रही राजनीति से निश्चय ही देश का पतन होना सम्भव -: सतेन्द्र सेंगर "राष्ट्रीय अध्यक्ष" मीडिया अधिकार मंच भारत
👉🏻जातिधर्म/सम्प्रदाय के नाम पर बनाये जाने वाले संगठनो का रजिस्टशन समाप्त  होना ही देश के उज्वल भविष्य के लिये आवश्यक है - सतेन्द्र सेंगर
👉🏻 जातिधर्म/सम्प्रदाय के नाम पर बनाये जाने वाले संगठनो पर शीघ्र रोक न लगाई गई तो निश्चय ही समाज एवं देश का पतन होना सम्भव है - सतेन्द्र सेंगर
👉🏻जातिधर्म/सम्प्रदाय के नाम पर यूँ ही संगठन बनते रहे तो आपसी बर्चस्व को लेकर हो सकता है, आपसी कलह -सतेन्द्र सेंगर
👉🏻प्रत्येक जातिधर्म/सम्प्रदाय की सम्मान,रक्षा, एवं बिकास के लिये शीघ्र ही राजनैतिक पार्टी का भी गठन करेंगे - सतेन्द्र सेंगर 

जैसा कि कुछ दिनों से देखा जा रहा हैकि ग्रामीण क्षेत्रो से लेकर सहरी इलाकों में जहाँ पर एक ओर शासन की कई योजनाओं के अंतर्गत आपसी छुआ छूट जाति धर्म को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा हैकि वहीं पर दूसरी ओर सतेन्द्र सेंगर "राष्ट्रीय अध्यक्ष" मीडिया अधिकार मंच भारत ने समाजिक एवं देश हित में गंभीर चिंतन करते हुये कहा हैकि आज राजनैतिक दलों में अधिकांश देखा जा रहा है कि क्षेत्र स्तर से लेकर प्रदेश और देश स्तर पर जाति धर्म सम्प्रदाय में अलग अलग बटवारा कर राजनीति की जा रही है, जिससे जाति धर्म और सम्प्रदाय में बटकर हम सबकी आपकी एकजुटता को खत्म करना हमारा ही नहीं हमारे आने वाली पीढ़ी के लिये बहुत ही घातक और बिनाशकारी हो सकता है, सतेन्द्र सेंगर ने कहा हैकि प्रदेश और देश की आपसी एकजुटता को बनाये रखने हेतु प्राइवेट/लिमिटेड आदि ट्रस्ट, सोसाइटी, फर्म,संगठन के रजिस्टार किसी भी जातिधर्म/सम्प्रदाय के नाम पर बनाये जाने वाले संगठनो का रजिस्टशन न दें, क्योंकि यदि प्रदेश या देश में जातिगत/धर्म सम्प्रदाय के नाम पर बटकर राजनीति होगी तो प्रदेश ही नहीं सम्पूर्ण देश की आपसी एकजुटता में कुठाराघात होगा और आपसी बिरोधाभास ईर्ष्या के चलते एक दूसरे को अपना शत्रु के समान व्योहार होनें लगेंगे जिसके बाद आपसी बर्चस्व को लेकर बिवाद होना सम्भव है,जिससे समाज एवं देश का पतन होना सम्भव है इस लिये जातिधर्म/सम्प्रदाय के नाम पर बनाये जाने वाले संगठनो का रजिस्टशन समाप्त करना ही समाज एवं देश के उज्वल भविष्य के लिये आवश्यक है, आज उत्तर प्रदेश में बिधानसभा चुनाव का दौर सुरु होते ही राजनैतिक दलों के लोग अपनी अपनी जातिय समाज के लोगों को मनमोहक प्रलोभन देकर उनके वोटों को हथियाने का प्रयास करने के लिये पुरजोर लगा दिया है, मैं जानना हूँ कि क्या यह जाति धर्म/सम्प्रदाय के हितैशियों को सिर्फ चुनावी माहौल में ही अपनों की याद क्यों आती है इससे पहले यह लोग किस खोख में दुबक जाते है, इससे पहले भी यह लोग अपने अपने समाज की समस्याओं को उठा सकते थे, वास्तव में ऐसे राजनैतिक लोग अपने समाज के लोगों को वोटों के रूप एकत्रित कर उनका सौदा कर अपनी पीढ़ी दर पीढ़ी चमकाने का कार्य किया जा रहा है, आज समाज एवं देश को एक ऐसी ब्यवस्था की आवश्यकता है जोकि जाति धर्म/सम्प्रदाय से हटकर मानव वादी नीतियों को लागू कर आवश्यकता अनुसार लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाते हुये बिकास कार्य करे, एक ऐसे ही प्रयासों के चलते मैंने मीडिया अधिकार मंच भारत के नाम से अराजनैतिक संगठन बनाया है और आने वाले समय में प्रत्येक जातिधर्म/सम्प्रदाय की सम्मान,रक्षा, एवं बिकास के लिये एक ऐसी राजनैतिक पार्टी का गठन होगा जोकि सम्पूर्ण देशों में अपने देश को बिकसित देश के नाम से जाना जायेगा

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