Top News

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनरेगा के ग्राम रोजगार सेवकों सहित मनरेगा के संविदा कर्मियों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा करते हुए विजयदशमी और दीपावली पर सौगात की बरसात की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनरेगा के ग्राम रोजगार सेवकों सहित मनरेगा के संविदा कर्मियों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा करते हुए विजयदशमी और दीपावली पर सौगात की बरसात की।
सोमवार को वृंदावन विहार योजना स्थित डिफेंस एक्सपो मैदान में आयोजित मनरेगा कर्मियों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने अक्तूबर माह से ही मानदेय बढ़ाने के साथ मनरेगा के संविदा कर्मियों के लिए एचआर पॉलिसी लागू कर उन्हें एक वर्ष में 24 दिन आकस्मिक अवकाश और 12 दिन चिकित्सा अवकाश की सुविधा देने की घोषणा की। हजारों मनरेगा कर्मियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने मनरेगा कर्मियों के जॉब चार्ट में ग्राम्य विकास विभाग के अन्य कार्यों को भी शामिल करने और ग्राम रोजगार सेवकों की सेवा समाप्ति से पहले उपायुक्त मनरेगा की की सहमति को अनिवार्य करने की घोषणा की।
ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह और राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 35,246 ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय 6,780 से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने 4,122 तकनीकी सहायकों का मानदेय 12,656 से बढ़ाकर 15,656 रुपये, 574 कम्यूपटर सहायकों का मानदेय 12,656 से बढ़ाकर 15,156 रुपये करने, 567 अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों का मानदेय 31,640 रुपये से बढ़ाकर 34,140 रुपये करने, 441 लेखा सहायकों का मानदेय 12,656 से बढ़ाकर 15,156 रुपये करने, 2 ऑपरेशन सहायकों का मानदेय 15,830 से बढ़ाकर 18,320 रुपये करने, 13 हेल्पलाइन एक्जीक्यूटिव का मानदेय 15,820 से बढ़ाकर 18,320 रुपये करने, 7 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का मानदेय 7,910 से बढ़ाकर 9 हजार रुपये करने, 564 ब्लॉक सोशल को-आर्डिनेटर का मानदेय 11,600 से बढ़ाकर 14,100 रुपये और 46 जिला सोशल ऑडिट को-आर्डिनेटर का मानदेय 17,400 से बढ़ाकर 19,900 रुपये करने करने की घोषणा की।
अक्तूबर से बढ़ा हुए मानदेय का भुगतान किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों को जबरदस्ती नहीं हटाया जा सकेगा। उनकी सेवा समाप्ति से पहले उपायुक्त नरेगा की सहमति आवश्यक होगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा कर्मियों के जॉब चार्ज में ग्राम्य विकास के अन्य कार्यों को भी जोड़ने की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की भांति मनरेगा के कर्मियों के लिए एचआर पालिसी एक माह में लागू की जाएगी इसमें 24 दिन का आकस्मिक अवकाश और 12 दिन का चिकित्सा अवकाश दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने न केवल मनरेगा कर्मियों का लंबित मानदेय का भुगतान कराया है बल्कि अब समय से मानदेय भुगतान की व्यवस्था भी शुरू की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ग्राम प्रधान के परिजन या निकटतम रिश्तेदार को ग्राम रोजगार सेवक के पद से हटा दिया जाता था। लेकिन सरकार ने इस व्यवस्था को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि अब ग्राम रोजगार सेवक यदि ग्राम प्रधान से निकटतम संबंधी, परिवारजन है तो उन्हें सेवा से मुक्त करने की जगह निकट की किसी ग्राम पंचायत में समायोजित किया जाएगा। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, ग्राम्य विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
180 दिन मातृत्व अवकाश मिलेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा की महिला संविदा कर्मियों को प्रसूति और उसके बाद बच्चे की देखभाल के छह महीने की अवधि में मानदेय से वंचित रहकर घर में रहना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने महिला संविदा कर्मियों की इस समस्या के समाधान के लिए उन्हें भी 180 दिन का मातृत्व अवकाश देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विवाहित महिला ग्राम रोजगार सेवक को भी विवाह सुसराल के पास किसी ग्राम पंचायत में समायोजित करने की व्यवस्था लागू की है।
समायोजित होंगे ग्राम रोजगार सेवक
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय सीमा में शामिल हुई 600 ग्राम पंचायतों के 415 ग्राम रोजगार सेवकों को उसी जिले की अन्य ग्राम पंचायतों में समायोजित किया जा चुका है, शेष को भी विभाग जल्द समायोजित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने संवेदना दिखाते हुए कोरोना से जान गंवाने वाले मनरेगा के 15 संविदा कर्मियों के आश्रितों को भी नियुक्ति दी गई है।
जब तक हमारी सरकार है चिंता छोड़ दीजिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा कर्मियों ने पूरी तन्मयता के साथ काम किया है। उन्होंने कहा कि जब कर्मी पूरी मेहनत से काम करते है तो शासन भी उन पर विचार करता है। उन्होंने कहा कि कर्मी यदि पूरी मेहनत से काम करेंगे तो स्वत: स्फूर्त भाव से उनकी सुनवाई होती रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने मानदेय बढ़ाकर विजयदशमी और दीपावली का तोहफा दिया है। कहा कि, जब तक हमारी सरकार है चिंता छोड़ दीजिए।
कोरोना काल में भी कायम किए रिकार्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने कोरोना महामारी के दौरान भी ऐसे रिकार्ड बनाए है जो देश ही नहीं दुनिया के लिए मिसाल है। उन्होंने कहा कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 52 लाख महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि 58 हजार बैंकिंग सखी की नियुक्ति की गई। 26 जून 2020 को एक दिन में 62 लाख 25 हजार लोगों को मनरेगा में रोजगार देने का रिकार्ड भी बनाया।

Post a Comment

If You have any doubts, Please let me know

और नया पुराने