■ *थाना बेला पुलिस द्वारा रिपोर्ट न अंकित किए जाने पर पीड़ित युवक की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए लगाई थी न्यायालय से गुहार*
औरैया
जनपद के थाना बेला क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पट्टी ज्ञानी में विगत 5 जुलाई को घटी एक घटना में मनरेगा मजदूरी करने गए 18 वर्षीय युवक के साथ उसके साथियों ने एक राय होकर व जानमाल की धमकियां देकर अप्राकृतिक दुष्कर्म का प्रयास किया था, इस घटना में राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते पहले पुलिस ने पहले रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी, जिस पर पीड़ित युवक की मां ने अदालत से रिपोर्ट दर्ज करा कर आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई किये जाने की गुहार लगाई थी, जनपद के न्यायिक मजिस्ट्रेट औरैया को प्रेषित प्रकीर्ण प्रार्थना पत्र संख्या 172 के तहत ग्राम पट्टी ज्ञानी की पीड़ित महिला शकुंतला देवी उम्र 55 वर्ष पत्नी जागेश्वर ने कहा था कि उनके गांव के के ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा के तहत नाला सफाई का कार्य कराया जा रहा था जिसमें विगत 5 जुलाई को उनका बेटा संदीप उम्र 18 वर्ष मनरेगा के तहत कार्य करने गया था, जहां पर साथ में काम कर रहे आरोपी दिनेश कुमार पुत्र राम सिंह उम्र 25 वर्ष, आलोक कुमार पुत्र रामबाबू उम्र 25 वर्ष, अजय कुमार पुत्र पिंटू उम्र करीब 20 वर्ष, रामप्रकाश पुत्र उजियारे लाल उम्र 30 वर्ष, विजय कुमार पुत्र बलराम उम्र 25 वर्ष, सोनू पुत्र सोवरन सिंह उम्र करीब 23 वर्ष, सुंदर पुत्र सूबेदार उम्र करीब 23 वर्ष समस्त निवासी ग्राम पट्टी ज्ञानी ने जबरजस्ती उसके बेटे के साथ अनैतिक रूप से अप्राकृतिक लैंगिक संबंध बनाने का प्रयास किया तथा दिनेश व आलोक ने उसे पकड़ कर दबा लिया तथा अजय कुमार ने बेटे का अंडर वीयर उतार कर उसके साथ छेड़खानी की, जिसका पंकज पुत्र रामसरन द्वारा वीडियो बनाया गया, तभी शोरगुल सुनकर गांव के ओमप्रकाश, उदयराम, हेतराम,प्रेमचंद आदि लोग आ गए जिन्होंने आरोपियों को ललकारा तथा उनके पुत्र को बचाया इस पर आरोपी प्रार्थिनी के पुत्र व पंकज को धमकी देते हुए भाग गए कि यदि घटना के बारे में किसी को बताया तथा वीडियो दिखाया तो जान से मार देंगे, इसके बाद वह घटना की जानकारी देने अपने पुत्र के साथ थाने गई तो दिनेश कुमार, आलोक, अजय कुमार व उनके साथी तथा परिवारी रामप्रकाश पुत्र प्यारेलाल विजय कुमार पुत्र बलराम सोनू पुत्र सोवरन सिंह, सुंदर पुत्र सूबेदार एक राय होकर प्रार्थिनी व उसके पुत्र को मां बहन की गालियां देते हुए मारपीट पर आमादा हो गए तथा धमकी दी कि यदि कोई कार्यवाही की तो जान से मार देंगे, इसी के डर व भय बस पंकज ने आत्महत्या कर ली तथा प्रार्थिनी का पुत्र संदीप आज भी भयभीत है तथा गुमसुम रहता है तथा कभी कोई भी घटना हो सकती है, पीड़िता शकुंतला देवी पत्नी जागेश्वर ने बताया कि वह जब घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने गई तो पुलिस ने प्रार्थना पत्र ले लिया तथा कहा कि जांच करके कार्रवाई के करेंगे पर उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी, जब कोई जांच व सुनवाई नहीं हुई तो उसने विगत 3 अगस्त को पुलिस अधीक्षक औरैया को रजिस्टर्ड प्रार्थना पत्र द्वारा कार्रवाई के लिए गुहार लगाई पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई जिस पर उसने न्यायालय श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट औरैया से रिपोर्ट दर्ज करा कर न्याय दिलाने के लिए गुहार लगाई इस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट औरैया ने संज्ञान में लेते हुए थाना पुलिस को सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए जिस पर थाना बेला पुलिस ने आरोपियों दिनेश कुमार, आलोक कुमार, अजय कुमार, रामप्रकाश, विजय कुमार, सोनू तथा सुंदर के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता 1860 धारा 147, 377, 511, 506, 504 तथा 352 के तहत रपट दर्ज की।।
फ़ोटो- अदालत के निर्देश पर थाने में दर्ज की गई रपट की प्रति दिए पीड़िता
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