*गणपति बप्पा मोरया के जयकारे के साथ हुआ प्रतिमाओं को विसर्जन*
*फफूंद,औरैया।* गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों से पूरा नगर गुंजायमान हो गया। भव्य शोभायात्रा के साथ गणपति की प्रतिमा का विसर्जन पाता क्षेत्र के कन्हो नहर पर किया गया। गुरुवार को दोपहर बाद नगर में चल रही गणेश पूजा में स्थापित मूर्ति के विसर्जन के लिए बड़े ही धूम धाम से मनौतियों के राजा गणेश भगवान की शोभा यात्रा निकाली गयी। गणेश महोत्सव समिति कायस्थान निवासी धीरज शर्मा के घर से दोपहर बाद बड़े ही धूम धाम से निकाली गयी। भव्य शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गो से गुजर रही थी और भक्तगण पुष्प और अबीर को उड़ाते हुए ढोल नगाड़ों और गानों पर नाचते हुए गणपति को नगर भर में घुमाते हैं. इसके बाद भावुक मन से उन्हें विदाई देते हैं। और पाता स्थित कन्हो नहर पुल में प्रतिमा का विसर्जन किया गया।
*क्यों किया जाता है विसर्जन*:-
विसर्जन का अर्थ होता है, जल में विलीन होना. ये प्रकृति पांच तत्वों से मिलकर बनी है. जल इन 5 तत्वों में से एक है. ऐसे में जब हम किसी भी देवी या देवता को कुछ खास समय तक के लिए घर में सम्मान के साथ लेकर आते हैं, तो उन्हें वापस भी भेजना होता है. ऐसे में प्रकृति की गोद में यानी जल में उनको विसर्जित करके, हम उन्हें सम्मानपूर्वक उनके धाम भेजने का आग्रह और अगले साल फिर से आने का निमंत्रण देते हैं, लेकिन विसर्जन के कुछ नियम होते हैं. उनका पालन जरूर करना चाहिए।थाना अध्यक्ष श्रावण कुमार तिवारी ने बताया कि विसर्जन शोभायात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। इस अवसर पर नगर के शिवम शर्मा, सत्यम शर्मा, हरिओम शर्मा, कमलू शर्मा, बबलू, सुनील, राजा, सोनू, श्यामू , अर्जित त्रिपाठी,मीन अवस्थी, कपिल, ऋषभ, प्रखर, अंशु, अनमोल, अनुराग, वन्दना शर्मा, नीलम, रानी, माया, किन, पुष्पा, शिवा, सानू, तन्नू, कपिल तिवारी आदि मौजूद रहे।
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