Top News

जिला औरैया की दिबियापुर विधानसभा सीट, जहा पिछड़ी जाति के लोग ही तय करते है रहनुमाई

औरेया. कानपुर मंडल में राजस्व के मामले में दूसरे नंबर पर आने वाले जिले औरेया का दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र काफी अहम है. एनटीपीसी और गेल इंडिया होने के कारण दिबियापुर रोजगार की दृष्टि से भी महत्वपूण है.

सपा का गढ़ मानी जाने वाली दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग का वोट बैंक है. यादव, लोधी राजपूज बहुल विधानसभा में पिछड़ी जाति के लोग ही तय करते हैं कि उनका प्रतिनिधित्व विधानसभा में कौन करेगा? हालांकि 2022 में होने वाला चुनाव इस विधानसभा के लिए तीसरा है लेकिन यहां के युवाओं में राजनीति का क्रेज है. अभी हाल ही में जेल से रिहा होने के बाद लग्जरी गाड़ियों का काफिला निकालने वाला धर्मेंद्र यादव भी इसी विधानसभा का बाशिंदा हैं. उसकी यह सनक बताने के लिए काफी है कि यहां का युवा राजनीतिक रूप से कितना अहम है. यही कारण है कि युवाओं को साथ लेकर चलने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का यहां क्रेज है. विधानसभा क्षेत्र बनने के बाद यहां पहला चुनाव सपा ने ही जीता. हालांकि 2017 में मोदी लहर में यहां से भाजपा प्रत्याशी जीता लेकिन उसका दूसरा कारण उसका पिछड़ी जाति से होना भी है.

दिबियापुर विधानसभा का इतिहास
2012 के विधानसभा चुनाव में नए परिसीमन के आधार पर अजीतमल विधानसभा को समाप्त किए जाने के बाद दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र का सृजन किया गया. दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र की जनता का पहली बार विधानसभा में सपा के प्रदीप यादव ने प्रतिनिधित्व किया. इस बार यहां तीसरी बार मतदान किया जाएगा. तीन तहसील क्षेत्रों में फैली इस विधानसभा में जनपद के सात ब्लॉकों में से पांच ब्लॉक आते हैं। अजीतमल, भाग्यनगर, औरैया, अछल्दा और बिधूना ब्लॉक भी इसी विधानसभा का हिस्सा हैं.

पिछले चुनावी रण के महारथी
वर्ष प्रत्याशी पार्टी प्राप्त वोट वोट प्रतिशत
2017 लाखन सिंह भाजपा 71480 37.3%
2012 प्रदीप कुमार सपा 76819 43.4%

विधानसभा में मतदाता
173528 142253 07 315788
(पुरुष) (महिला) (थर्ड जेंडर) (कुल)

सपा के बड़े नेताओं का है आवास
दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र सपा नेताओं का प्रमुख केंद्र है. क्षेत्र के दिग्गज नेता अशोक यादव भरथना के रहने वाले हैं लेकिन अब उन्होंने ​अपना आवास इसी विधानसभा क्षेत्र में बना रखा है. उनके साथ ही सपा के अन्य नेता भी इसी विधानसभा में रहते हैं. यही कारण है कि यहां की जनता सपा के साथ कनेक्ट कर पाती है. लोगों के सुख-दुख में सबसे पहले सपा नेता ही पहुंचते हैं, जिसका फायदा सपा को चुनावों में मिलता है.

Post a Comment

If You have any doubts, Please let me know

أحدث أقدم