खेत से वापस आ रहे दिव्यांग को दबंगो ने मारपीट कर घायल किया
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर जान माल की रक्षा की गुहार लगाई
फफूंद । थाना क्षेत्र के ग्राम नगला पाठक निवासी एक दिव्यांग अपने खेत से वापस आ रहा था तभी गांव के ही नामजद दबंग लोगों ने घेरकर उसके साथ मारपीट की और सीने पर तमंचा लगाकर उसे जान से मारने की धमकी दी । पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपने तथा अपने परिवार की जान माल की रक्षा की गुहार लगाई है ।
थाना क्षेत्र के ग्राम नगला पाठक निवासी दिव्यांग मुकेश कुमार पुत्र गोपाल हरि ने पुलिस अधीक्षक को दिये प्रार्थना पत्र में कहा है कि उसके ही गांव के मयंक पाठक पुत्र रामजी लाल अपने कई साथियों के साथ मिलकर पहले भी मुझे जान से मारने का प्रयास कर चुके हैं जिसकी रिपोर्ट फफूंद थाने में दर्ज है । विगत दिनांक 10/9/2021 को शाम करीब 6 बजे में अपने खेतों से काम करके वापस आ रहा था । पहले से घात लगाए बैठे मयंक पाठक पुत्र रामजी लाल , आशुतोष उर्फ आशू पुत्र राम प्रकाश , विक्रांत पुत्र सुनील कुमार , अनूप पुत्र नरेंद्र मोहन , शिवप्रकाश , वेदप्रकाश पुत्रगण नर्वदेश्वर दयाल , रामजी लाल पुत्र सुमित नरायण , गणेश शंकर पुत्र मोहन लाल , राकेश पुत्र प्रकाश बाबू , सुनील पुत्र राम प्रकाश ने मुझे घेर लिया और गाली गलौज करते हुये मयंक पाठक व विक्रांत और आशुतोष ने मेरे सीने पर तमंचा रखके बोले कि तूने मेरे खिलाफ पुलिस में बयान दिया है हम तुझे जिंदा नहीं रहने देंगे हम गांव के जमीदार हैं । सभी लोग लात घूंसों से मारने पीटने लगे और कहने लगे कि जो मुकदमा तुमने मेरे ऊपर लिखवाया है उसमें तुम कुछ कर पाये । पुलिस हमारा कुछ नहीं कर सकती यह कहते हुये जान से मारने की धमकी देते हुये चले गये ।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को दिये प्रार्थना पत्र में कहा है कि उपरोक्त लोग दबंग हैं और फफूंद पुलिस इन लोगों पर कोई कार्यवाही नहीं कर रही है । पीड़ित का आरोप है कि पुलिस 3 सितम्बर को मयंक पाठक तथा विक्रांत को पकड़कर थाने ले गई थी लेकिन पुलिस ने रात 11 बजे लेनदेन करके दोनों को थाने से छोड़ दिया जबकि इन लोगों के विरुद्ध थाने में धारा 307 ,308 के तहत कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं । यह लोग खुलेआम गांव में घूम रहे हैं और गांव में रहकर आये दिन मुझे तथा अन्य गांव वालों के साथ मारपीट करते रहते हैं फिर भी पुलिस कोई कार्यवाही नहीं करती है । पुलिस इन लोगों को संरक्षण दे रही है जिससे इनके होंसले बुलन्द हैं । पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि उपरोक्त लोगों से मेरी व मेरे परिवारीजनों की जानमाल की रक्षा की जाये ताकि हम और हमारा परिवार भयमुक्त होकर गांव में जीवन यापन कर सके।
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