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परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर रहे जोर : डॉ. अनिल कुमार

उत्तर प्रदेश न्यूज21/ऑल इंडिया प्रेस एसोसिएशन

जनपद में 22 जुलाई से आयोजित होंगे नसबंदी शिविर

इटावाजनपद में परिवार नियोजन की सेवाओं से  जनमानस को  जोड़ने के लिए वृहद स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं I   11 से 31 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जाएगा और वर्तमान में दंपत्ति संपर्क पखवाड़े के अन्तर्गत परिवार नियोजन कार्यक्रमों  के बारे में  जन-जन को जागरूक किया  जा रहा है । इसमें पुरुष नसबंदी के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर किया जा रहा है और परिवार नियोजन में  पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने  के  भी प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला महिला अस्पताल के सर्जन और पुरुष नसबंदी (एनएसवी) स्पेशलिस्ट डॉ अनिल कुमार ने कहा कि परिवार नियोजन में  पुरुषों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता हैI  पुरुष नसबंदी महिला नसबंदी की अपेक्षा सरल व आसान होती है, इससे किसी भी प्रकार की  यौन दुर्बलता नहीं आती हैI   उन्होंने बताया कि ज्यादातर पुरुषों में  नसबंदी को लेकर  भ्रांतियां हैI  खासकर पुरुषों से कहना चाहूंगा कि पुरुष नसबंदी कराने पर किसी भी पुरुष के अंदर शारीरिक, मानसिक और यौन क्षमता कम नहीं होती। उन्होंने बताया नो स्कैल्पल  वे सेक्टमी के रूप में नसबंदी की नई पद्धति  बिना चीरा बिना टांके के पुरुष  नसबन्दी की जाती है और इस प्रक्रिया में ज्यादा समय भी नहीं लगता । डॉ. अनिल जिला अस्पताल में वर्ष 2005 से कार्यरत हैं और लगभग 400 पुरुष नसबंदी की है, जिसमें किसी भी पुरुष को कोई परेशानी नहीं हुईI उन्होंने बताया - कोई भी पुरुष अस्पताल में आकर नि:शुल्क नसबंदी करा सकता है, नसबंदी कराने से पहले कंप्लीट हीमोग्राम जांच की जाती है और उसके पश्चात पुरुष नसबंदी की जाती है। नसबंदी के बाद उस व्यक्ति का फॉलोअप भी किया जाता है। डॉ. अनिल ने कहा कि नसबंदी के मामले में पुरुष अपनी भूमिका मुखर होकर नहीं निभा रहे हैं जबकि पुरुष नसबंदी महिला नसबंदी से सरल व सुविधाजनक है। इसलिए परिवार को सही दिशा में ले जाने की जिम्मेदारी पुरुष की भी है।  सभी पुरुषों से अपील है कि  परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने में पुरुष भी आगे आएं और बेझिझक पुरुष नसबंदी करवाएं, कोई भ्रांति या जिज्ञासा है तो जिला अस्पताल में आकर  परामर्श ले सकते हैं।
पुरुष नसबंदी है बहुत आसान -
पुरुष नसबंदी में शुक्राणु वाहिका (ट्यूब) को   सुन्न कर दिया जाता है | ताकि थोडा सा भी दर्द का अनुभव न हो |इसकी दो विधियाँ है | इसमे दोनों में से किसी भी विधि से नसबन्दी  की जा सकती  है | इसके बाद शुक्राणु को ले जाने वाली नाली को बंद कर दिया जाता है | इस प्रक्रिया में मात्र 15 से 20 मिनट लगता है |
पुरुष नसबंदी कराने के हैं कई लाभ -
पुरुष नसबंदी जन्म दर को रोकने का एक स्थायी, प्रभावी और सुविधाजनक उपाय है।
यह यौन जीवन को बेहतर बनाता है और गर्भ ठहरने की चिंता को दूर करता है।
नसबंदी कराने के बाद पुरुषों की यौन क्षमता और यौन क्रिया पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता हैI
जनपद में लगाए जाएंगे नसबंदी शिविर
परिवार नियोजन कार्यक्रम व लॉजिस्टिक प्रबंधक अमित विश्वकर्मा ने बताया विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दौरान लोगों को परिवार नियोजन की सुविधाएं तो दी जाएंगी  साथ ही जनपद में नसबंदी शिविर का आयोजन भी किया जाएगा । 22 जुलाई भरथना, 23 जुलाई जसवंतनगर व  सरसई नावर , 26 जुलाई बसरेहर, 27 जुलाई महेवा, 28 जुलाई राजपुर व  उदी सीएचसी पर यह शिविर लगेंगे और जिला महिला चिकित्सालय में जुलाई महीने में  प्रतिदिन नसबंदी शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया जनपद में पुरुष व महिला नसबंदी के यह आंकड़े हैं-
* वर्ष 2019-20 में नसबंदी महिला-2610, पुरुष-6
* वर्ष 2020-21 में नसबंदी महिला-2276, पुरुष-6
* वर्ष 2021-22 में नसबंदी महिला-39, पुरुष-0

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