उत्तर प्रदेश न्यूज21/ऑल इंडिया प्रेस एसोसिएशन
इटावा। जिला अस्पताल में मौजूद सुविधाओं और इलाज का लाभ जनपदवासी ही नहीं बल्कि आस-पास के जिलों के लोग भी उठा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ एमएम आर्या ने बताया -जिला अस्पताल में वर्तमान में तीन अस्थि रोग विशेषज्ञ हैं जो अस्थि रोग व उससे सम्बन्धित समस्याओं से जूझ रहे लोगों को बेहतर इलाज मुहैया करा रहे हैं |
28 वर्षीय चांद मियां का जिला पुरुष अस्पताल में हुआ सफल ऑपरेशन
जिला पुरुष अस्पताल में गत नौ जुलाई को मैनपुरी जिले के रहने वाले चांद मियां के कुल्हे का सफल ऑपरेशन किया गया। चांद मियां ने बताया छह महीने पहले गिरने के कारण उनके कुल्हे की हड्डी टूट गई थी । उन्होंने अपने जनपद में कुछ प्राइवेट डॉक्टरों को दिखाया लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ । तब उन्होंने इटावा के जिला अस्पताल में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ दीपक गुप्ता को दिखाया । उन्होंने बताया कि डॉ. गुप्ता ने आश्वासन दिया कि ऑपरेशन कराने के बाद फिर सही हो जाएंगे। 28 जून को चांद मियां जिला अस्पताल में भर्ती हुए, उनकी सारी जांच निशुल्क हुई । नौ जुलाई को उनका सफल ऑपरेशन किया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में जो सुविधाएं मिलीं उससे वह पूरी तरह संतुष्ट हैं | मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी अगर मैं यही ऑपरेशन कहीं बाहर प्राइवेट अस्पताल में कराता तो लाखों खर्च हो जाते | मैं सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्टाफ का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मेरी देखभाल की। मैं अस्पताल की सुविधाओं और साफ-सफाई के प्रति विशेष रूप से प्रभावित हुआ क्योंकि इतनी साफ-सफाई प्राइवेट अस्पतालों में भी नहीं होती।
चांद मियां का ऑपरेशन करने वाले डॉ दीपक गुप्ता ने बताया - चांद मियां जब उनके पास दिखाने आए तो उनके कूल्हे के गुल्ले में फ्रैक्चर था | इसलिए वह कोई मूवमेंट नहीं कर पा रहे थे। इनका ऑपरेशन किया गया और कुल्हे में मॉडलर बाईपोलर इप्लांट डाला गया है। इसमें बोन सीमेंट नहीं डाला जाता युवा मरीज में बिना सीमेंट का गुल्ला डाला जाता है और उस पर हड्डी बन जाती है तो वह एक पूरी यूनिट की तरह काम करता है और मरीज पहले की भांति चल सकता है। उन्होंने बताया लगभग एक वर्ष पहले भी जिला अस्पताल में टोटल हिप रिप्लेसमेंट का एक और सफल ऑपरेशन किया गया था। उन्होंने कहा - मुझे हर्ष है कि इस तरह के ऑपरेशन किसी मेडिकल कॉलेज मे संभव हो पाते थे, लेकिन मेरी टीम के सहयोग से इस तरह के सफल ऑपरेशन हम अब जिला अस्पताल में कर पा रहे हैं।
जिला अस्पताल साफ-सफाई के मामले में कायाकल्प अवॉर्ड में भी रहा अव्वल
हॉस्पिटल मैनेजर डॉ निखिलेश कुमार ने बताया - जिला अस्पताल के अंदर साफ-सफाई को लेकर प्रदेश स्तर पर हमारा हॉस्पिटल कई अवार्ड जीत चुका है। पूरे हॉस्पिटल में प्रतिदिन सैनिटाइजेशन किया जाता है और साफ-सफाई की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए मैं स्वयं निगरानी रखता हूं। जिला अस्पताल की एएनएस और ओटी इंचार्ज उर्वशी दीक्षित ने बताया - अस्पताल के वार्डो में स्वयं जाकर निरीक्षण करतीं हैं। वार्ड के बेडों की प्रतिदिन चादर बदली जाती है और सैनिटाइजेशन किया जाता है। उन्होंने बताया - मरीजों और स्टाफ द्वारा अस्पताल के अंदर कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाता है।
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