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औरैया मासूम के साथ गैंगरेप और न्याय के लिए भटकता घायल परिवार

 औरैया मासूम के साथ गैंगरेप और न्याय के लिए भटकता घायल परिवार
 
  औरैया जनपद में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे देखकर सुनकर मजबूत कलेजा वालो का कलेजा भी मुंह को आजाये ।
 एक मासूम बेटी जिसके साथ 3 दबंग युवको ने मासूम के हाथ पैर बांध कर गैंग रेप की घटना को अंजाम दिया और उलाहना देने पर पीड़िता के परिवारीजनों को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया पुलिस ने मामले को दूसरी धाराओं में दर्ज कर लिया ,अब पीड़िता और उसका परिवार न्याय के लिए पुलिस के आलाधिकारियों के चौखटे नापता घूम रहा है लेकिन जनपद पुलिस कान में उंगली डाले बैठा है ।
जब योगी राज में ही मासूम गैंग रेप का दंश झेले और उसी को कानून न्याय न दिला सके तो क्या फायदा है बेटी बचाओ अभियान का ? कैसे साकार होगी सरकार महिलाओ और बेटियों की सम्मान और सुरक्षा को लेकर चलाई जा रहे अभियान ? आखिर कब बेटी और महिलाये सुरक्षित होगी ?
 यूपी के औरैया जनपद में खाकी का अलग ही कानून चलता है जहां मासूम बेटी को खेलने की उम्र में सामूहिक दुराचार के दर्द को झेलना पड़ रहा है वही उसके दर्द पर मलहम लगाने की बजाय पुलिस ने अनोखा कारनामा रच डाला , पीड़िता और उसके घायल परिवारीजनों को न्याय देने के स्थान पर आलाधिकारियों के चौखटों पर दौड़ने को मजबूर कर दिया है क्योंकि पुलिस ने मामले को दूसरी धाराओं में दर्ज कर लिया है लेकिन न तो गैंगरेप की धारा लगाई और न ही पास्को ऐक्ट ।
 यूपी के औरैया जनपद के एरवाकटरा थाना क्षेत्र में देर शाम अपने घर के पास खड़े आवारा जानवरो को भगाने के लिए बाहर हंसती खेलती 12 वर्षीय मासूम को क्या पता था कि यह उसकी आखिरी हंसी है क्योकि थोड़ी ही देर में वहशी हब्शी दबंगो ने उसे पकड़ कर हाथ पैर बांध कर 3 वहशी दरिंदो ने अपनी हवश की भूख शांत की , आरोपियों के चंगुल से भागी मासूम अस्तव्यस्त हालत में घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनाई जिसे सुनकर जब परिजनो ने इसकी शिकायत आरोपियों के घर मे की तो दबंगो ने पीड़िता के पिता चाचा व उनके परिजनों को लाठी डंडो व धार दर हथियारों से मारपीट कर गम्भीर रूप से घायल कर दिया ।
 घटना की शिकायत करने जब थाने पहुंचे तो पुलिस ने पिटे हुए लोगो का मेडिकल कराया लेकिन पीड़िता का नतो मेडिकल कराया और न ही गैंगरेप का मामला पंजिकृत किया उल्टा दूसरी हल्की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया , 3 दिन से पीड़ितों को अब थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक के घर के चौखट के चक्कर पर चक्कर लगाने को मजबूर है लेकिन शायद जनपद औरैया में क़ानून पीड़ितों के लिए है ही नही ।
अपनी बेटी के साथ हुए सामूहिक दुराचार और अपने और अपने परिजनों के साथ हुई गंभीर मारपिटाई की घटना के 3 दिन बीत जाने पर कोई कार्यवाही न होती देख परिजनों के द्वारा अगर न्याय न मिला तो आत्महत्या करने की बात कही गई ।
वही जब पूरे मामले की जानकारी पुलिस के आलाधिकारी से की तो उन्होंने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर धारा बढ़ोतरी की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की बात कही ।
शिष्यपाल सिंह अपर पुलिस अधीक्षक
पुलिस के द्वारा जब पीड़िता और उसके परिवार को 3 दिन से टहलाया जा रहा है तो साथ ही साथ आलाअधिकारियों को भी बरगलाने का प्रयास किया जा रहा है ।
आखिर क्यों एक पीड़िता मासूम को इतने दिनों तक दर्द का दंश झेलना  पड़ेगा ? आखिर कब मिलेगा एक मासूम बेटी को न्याय ? आखिर कब पुलिस जागेगी और दोषियों के खिलाफ करेगी सख्त कार्यवाही ?

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