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औरैया में एफसीआई के केंद्रों पर डंप है 3500 एमटी गेहूं, होगी एक फीसदी की कटौती,जानिए कारण

औरैया में एफसीआई के केंद्रों पर डंप है 3500 एमटी गेहूं, होगी एक फीसदी की कटौती,जानिए कारण

उत्तरप्रदेश न्यूज़21 ब्यूरो
औरैया। विभागीय लापरवाही के कारण एफसीआई के दो गोदामों से अभी तक 3500 मीट्रिक टन गेहूं की उठान नहीं हो सकी है। जबकि सरकार के निर्देश थे कि 30 तक सभी क्रय केंद्रों से उठान कराकर गेहूं गोदामों तक पहुंचा दिया जाए। ताकि गेहूं बारिश में भीगने से बचे और नमी की कटौती न करानी पड़े। समय से उठान हो पाने पर अब एफसीआई को एक फीसदी कटौती करानी पड़ेगी। इसको लेकर दो दिन पहले डीएम ने अफसरों के पेच कसे थे। इसके बाद अब दो दिन के अंदर डंप गेहूं की उठान कराने के निर्देश दिए गए है।
जिले में इस बार बिना लक्ष्य के गेहूं की खरीद की गई। हालांकि गेहूं खरीद शुरुआत से ही विवादित रही। कुछ केंद्रों पर किसानों ने खरीद न किए जाने के आरोप लगाए, तो कुछ केंद्रों पर प्रभारियों ने सांठगांठ कर घालमेल कर डाला।
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खरीद में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी करने के मामले में कई के खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई के साथ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई। इतना सब होने के बाद भी केंद्र प्रभारियों की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ। समय से उठान न होने पर जून के अंत में हुई बारिश में क्विंटलों गेहूं भीगा भी। इतना ही नहीं समय गुजर जाने के बाद सहार और औरैया सदर के एफसीआई केंद्रों से अब तक 3500 एमटी गेहूं गोदाम नहीं भेजा जा सका। जिला प्रशासन को बारिश में गेहूं भीग कर खराब होने का डर सता रहा है।
गेहूं खराब हुआ तो होगी कार्रवाई पिछले साल 45290 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी। इस बार लक्ष्य तय नहीं था। फिर पिछले साल से अधिक 48141 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। गेहूं खरीद के मामले में औरैया जनपद इस साल भी प्रगति पर रहा। लेकिन अफसरों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। आज भी काफी संख्या में किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा सका। केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया था कि जिन केंद्रों पर गेहूं रखा है वह तेजी से उठान कराएं। बारिश में यदि कहीं गेहूं खराब होता है तो संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसानों का भुगतान भी समय से करें। जिससे किसानों को केंद्रों के चक्कर न लगाने पड़े। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के दो केंद्रों पर उठान बाकी है।- सुधांशु कुमार, डिप्टी आरएमओ

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