औरैया। प्रधानमंत्री आवास योजना में जिले में खूब घोटाला किया गया। अपात्रों को पात्र बनाकर योजना का लाभ दिया गया। पर्त दर पर्त मामले खुल कर सामने आए तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। अब डीएम ने अपात्र 153 लाभार्थियों से रिकवरी कराने के आदेश दिए है। विभाग इनसे दो करोड़ 95 लाख की धनराशि वसूल करेगा।
जिले की तीनों तहसील औरैया, बिधूना और अजीतमल में बड़े पैमाने पर लोगों को प्रधानमंत्री शहरी गरीब आवास योजना के तहत लाभ दिया गया। इनमें औरैया और बिधूना में अफसरों ने साठगांठ कर सैकड़ों अपात्रों को पात्र बना दिया। इस मामले में डीएम सुनील कुमार वर्मा के जांच कमेटी गठित की। जांच कमेटी ने जो रिपोर्ट दी है, उसमें डीपीआर 308 में 107 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। जिसमें 70 अपात्रों के खातों में धनराशि हस्तांतरित की गई। डीपीआर 133 में 18 अपात्र मिले हैं। जिसमें से 14 अपात्रों के खातों में धनराशि भेजी गई। वहीं डीपीआर 116 में अपात्र नौ लोगों में आठ के खातों में धनराशि भेजी गई है। डीपीआर 182 में 73 में 56 अपात्रों के खातों में प्रधानमंत्री शहरी गरीब आवास योजना की धनराशि भेजी गई। सदर तहसील क्षेत्र में डीपीआर 51 की जांच में मिली पुष्पा देवी पत्नी रघुनंदन निवासी औरैया को प्रथम किस्त के स्थान पर द्वितीय किस्त का भुगतान किया गया। नगर पालिका परिषद औरैया की सीमा से बाहर आवास स्थित होने के कारण इन्हें भी अपात्र पाया गया।
इसके अलावा चार ऐसे लाभार्थियों के नाम जांच में सामने आए जिनका किसी भी डीपीआर में नाम शामिल नहीं था। इसके बाद भी उन्हें प्रथम व द्वितीय किस्त का भुगतान कर दिया गया। इस तरह अब तक 153 अपात्रों को दो करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि भेजकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। डीएम ने संबंधित तहसील अधिकारी को सभी अपात्रों के खातों में भुगतान की गई धनराशि को भू-राजस्व की भांति वसूली करवाकर संबंधित सरकारी खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। अपात्र लाभार्थी के खिलाफ तहसीलदार वसूली प्रमाण पत्र को एक सप्ताह के अंदर निर्गत कर शत-प्रतिशत वसूली की रिपोर्ट देंगे। तहसीलदार राजकुमार चौधरी ने बताया कि इस संबंध में अभी तक आदेश नहीं प्राप्त हुआ है
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