*एक दशक से अधर में लटका यूएमपावर प्लांट*
*भूमि का उचित मुआवजा और रोजगार मिलने की राह देख रहे किसान*
*कंचौसी।औरैया*
विकास और रोजगार देने के लिए प्रतावित यूएम पावर प्लांट की भूमि पर उधोग लगाने के योगी सरकार के बीच किए गए करार धरातल पर न उतरने से बेरोजगार मायूस है।क्योंकि सरकार का कार्यकाल कम ही बचा है।पूर्व मुख्यमंत्री बसपा प्रमुख मायावती ने यूनीटेक कंपनी से करार कर एक दशक पहले क्षेत्र में कोल आधारित यूएमपावर प्लांट लगाने की मंजूरी दी थी। इसके बाद कंपनी ने 600 एकङ भूमि का अधिग्रहण और खरीद फरोख्त शुरू कर दिया। लेकिन कंपनी ने इलाके की ऊसरबंजर और उपजाऊ खेतिहर भूमि को एक रेट में लेने से उपजाऊ भूमि के किसानों ने अपनी भूमि देने मना कर दिया। किसान याचिका हाईकोर्ट में दाखिल कर भूमि का चार गुना देने की माँग कर संघर्ष कर रहे हैं ।सालों से किसानों और कंपनी के चले आ रहे मुआवजा संबंधी मामलों का निस्तारण नही हो सका ।योगी सरकार ने प्रदेश में उधोग धन्धों को बढावा देने के लिए लखनऊ में उद्योगपतियों के साथ एएमयू साइन किए गए थें । इसी क्रम में यूएमपावर प्लांट की भूमि पर उधोग लगाकर रोजगार देने और विकास की अलख जगाने का बीढा उठाया। लेकिन धरातल पर योजना मूर्ति रूप लेती नही दिख रही हैं । सरकार ने किसानो और कंपनी के बीच चल रहे भूमि संबंधी मामलों का न तो निस्तारण कराया और न हीं प्रोजेक्ट स्थापित कराने का कोई प्रयास किया गया।हालात यह कि पूरे परिसर की वाऊङीवाल बनाने का काम भी आज तक पूरा नही हो सका।
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