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कोंच बस स्टैंड पुलिस के लिए चुनौती बनी मोबाइल चोर बाइकर्स गैंग


रिपोर्ट सौरभ त्यागी जालौन

उरई जालौन। उरई शहर के अंदर मोबाइल चोर बाइकर्स गैंग इस समय कई घटनाओं को अंजाम देने के बाद लोगों के दिल में एक भय सा बनाती जा रही। गैंग में तीन से चार लोग सक्रिय होते हैं। जो पहले मोबाइल चलाने वाले का पीछा करते हैं, और मौका मिलने पर मोबाइल छीन कर गायब हो जाते हैं। जैसे किसी फिल्म में यह सीन दर्शाया गया उसी की तरह मोबाइल चोर बाइकर्स गैंग इन घटनाओं को अंजाम दे रही। वही यह गैंग 6 से 7 महीने से सक्रिय है, अपने कारनामों में समय का अंतराल देने के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ने और लोगों की शिकायत का शिकार नहीं बन पा रही। यह ज्यादातर उन लोगों को शिकार बनाते हैं, जो पैदल जा रहे हो या दूरदराज से आते हैं। ताकि वह लोग आसपास के क्षेत्र में शिकायत ना कर पाए। जो लोग ग्रामीण क्षेत्र से होते हैं, वह पुलिस थाना भी नहीं कर पाते क्योंकि उन्हें डर लगता है और उनके मोबाइल के कागज भी ज्यादातर नहीं होते हैं। कुछ लोग शिकायत करते हैं, उनकी ज्यादातर कोई सुनवाई नहीं हो रही। जब लोग पुलिस से शिकायत करने जाते। तो पुलिस द्वारा दबाव भी बनाया जाता है, कि यह एप्लीकेशन लिख कर दो कि यह मोबाइल छीना नहीं गया गिर गया है। ताकि पुलिस की वर्दी के ऊपर कोई धब्बा ना लगे। जमीनी हकीकत सूत्रों द्वारा पता लगाइए काशीराम कॉलोनी की ओर से आती है। और अपनी घटनाओं को अंजाम देने के बाद भी शहर में किसी जादू की तरह गायब हो जाती। मामला 14 तारीख समय 7 बजे स्थान मधुवन बिला का है। जहा जुनेद सिद्दीकी टहलने के लिए जाते हैं। जब वह वापस लोट रहे होते तो पीछे से एक बाईक पर तीन लड़के आते हैं। मोबाइल छीन कर भाग जाती हैं, जिसकी शिकायत उन्होंने उरई कोतवाली में भी की। अप पुलिस के लिए कड़ी बड़ी उलझी हुई साबित हो रही। क्योंकि शहर कोतवाल ने इस बात से मना कर दिया कि कोई गैंग सक्रिय है। लेकिन कई ऐसे ताजा मामले हैं, जो पुलिस के मुकरे हुए चेहरे पर सवाल खड़े कर रहे इस मामले पर शहर कोतवाल विनोद पाण्डेय ने कहा कि अगर इस तरह की कोई गैंग सक्रिय तो जल पकड़ी जाएगी वही मोबाइल चोरी होने की शिकायत आई है। जिस पर कार्रवाई करते हुए मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया जाएगा और चौकी इंचार्ज से इस मामले पर गहन जांच कराई जाएगी ताकि चोरी करने वाले भी पकड़े जाएं और कोई गैंग सक्रिय वह भी पकड़ी जाए।
इन मामलों में कहीं ना कहीं पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं। जब लोग शिकायत मोबाइल छीनने या चोरी कराने के लिए कराते हैं। तो वहीं पुलिस वाले कहते हैं कि शिकायत में बदलाव करो और यह लिख कर दो कि मोबाइल कहीं गिर गया। पुलिस द्वारा यह क्यों बदलाव करवाया जाता है, क्या अपनी वर्दी पर धब्बा लगने से पुलिस वाले बचते हैं। अगर शिकायत सही ले तो कार्रवाई भी सही हो। जिससे इस तरह के गैंग पकड़ी जाए।कांशीराम कॉलोनी की चौकी की भूमिका पर उठते सवाल
सूत्रों द्वारा कहना है कि बाइकर्स गैंग कांशीराम कॉलोनी की तरफ से आती है कहीं ना कहीं इसका तालुकात कांशीराम कॉलोनी से है। इस गैंग पर कड़ी कार्रवाई या उन पर नजर रखने से कांशीराम कॉलोनी चौकी इंचार्ज बचते नजर आ रहे हैं। अगर चौकी इंचार्ज सक्रीय हो और उन बाइकर्स पर नजर रखें तो कहीं ना कहीं बड़े खुलासे हो और इस गैंग को पकड़ा जा सकता है।कोंच रोड पर कही नही दिखती पुलिस की वर्दी  कोंच रोड पर हजारों लोगों का आना जाना रहता है। जहां कई गांव के लोग निकलते हैं। यहां पर आसपास कहीं पुलिस की वर्दी पहने सिपाही नजर नहीं आते हैं और ना ही कभी चेकिंग अभियान चलाया जाता है। अगर पुलिस सक्रिय हो तो ऐसी गैंग  दूर दूर तक नजर नही आए।

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