उत्तर प्रदेश न्यूज21
इटावा।सैफई ब्लॉक के नगला नरिया गांव में 18 साल से गांव में रहने वाली एक गाय की शनिवार को मौत हो गई। इस पर पूरा गांव शोक में डूब गया। गांव के लोगों ने एकजुट होकर नम आंखों से हिंदू परंपरा के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया।कहा जाता है कि कुछ रिश्ते खून से बढ़कर होते हैं और मां तो आखिर मां होती है। मां का स्वरूप गाय में देखने वाले नगला नरिया गांव के लोगों में उस समय शोक की लहर फैल गई, जब उन्हें पता चला कि गांव में रहने वाली एक गाय का निधन हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक करीब 18 वर्षों से यह गाय गांव में ही रहती थी।
सुबह व शाम को घर घर जाकर अपना पेट भरती थी। गांव के बच्चों व महिलाओं को इस गाय से बहुत अधिक लगाव था।
सुबह व शाम को घर घर जाकर अपना पेट भरती थी। गांव के बच्चों व महिलाओं को इस गाय से बहुत अधिक लगाव था।
इस वजह से गाय की मौत की खबर सुनकर गांव भर की महिलाएं इकट्ठा हुईं। उन्होंने साड़ियां गाय के मृत शरीर पर ओढ़ाईं। लगभग दस हजार रुपये का चढ़ावा भी चढ़ाया।
इसके बाद चरण स्पर्श के साथ अंतिम दर्शन कर लोगों ने फूल मालाएं अर्पित की। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को गाय फतेह सिंह यादव के दरवाजे के पास बनी नाली में गिर जाने से घायल हो गई थी। गाय के अंतिम संस्कार में पूर्व प्रधान सुखबीर सिंह यादव, प्रधान महंत सिंह, संतोष बाबा, मोहित यादव, बबलू यादव, प्रदीप यादव, छोटे लाल, राकेश, सत्यवीर, अचंभे लाल, लाखन सिंह समेत तमाम लोग शामिल रहे। इस दौरान बच्चों व महिलाओं को सुबगते हुए देखा गया।
इसके बाद चरण स्पर्श के साथ अंतिम दर्शन कर लोगों ने फूल मालाएं अर्पित की। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को गाय फतेह सिंह यादव के दरवाजे के पास बनी नाली में गिर जाने से घायल हो गई थी। गाय के अंतिम संस्कार में पूर्व प्रधान सुखबीर सिंह यादव, प्रधान महंत सिंह, संतोष बाबा, मोहित यादव, बबलू यादव, प्रदीप यादव, छोटे लाल, राकेश, सत्यवीर, अचंभे लाल, लाखन सिंह समेत तमाम लोग शामिल रहे। इस दौरान बच्चों व महिलाओं को सुबगते हुए देखा गया।
एक टिप्पणी भेजें
If You have any doubts, Please let me know