कोरोना संक्रमण व लाकडाउन के बावजूद बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। अब तक 58.31 प्रतिशत काम हो चुका है। इसका मुख्य कैरिजवे दिसंबर तक खुल जाने की उम्मीद है। तब इस चार लेन के एक्सप्रेसवे के जरिए चित्रकूट से इटावा तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा। इटावा में यह आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा।यूपीडा द्वारा बनवाए जा रहे इस एक्सप्रेसवे पर हालांकि कुछ मुश्किलें भी आईं। मसलन कहीं श्रमिकों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं रही तो कहीं ड्राइवरों की कमी रही। कहीं निर्माण सामग्री पहुंचने में देर हुईं। पर इसके बावजूद इसका काम कहीं रुका नहीं। पिछले साल हुए लाकडाउन के मुकाबले इस बार काम कम प्रभावित हुआ।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर पीपीपी मॉडल पर चार जनसुविधा परिसर
एक्सप्रेसवे के दो ओर ओर दो दो जनसुविधा परिसर केंद्र पीपीपी माडल पर बनाए व संचालित कराए जाएंगे। इसके लिए जल्द निजी कंपनियों से बिड मांगी जाएगी। एक्सप्रेसवे पहली वे-साइड एमेनिटीज सरौली गांव(बांदा) में दूसरी चिली गांव (हमीरपुर) में बनाई जाएगी। दो वे-साइड एमेनिटीज पुरवा व रामपुर जालौन में बनेंगी। यह दोनो जालौन जिले में हैं। इन केंद्र पर एक्सप्रेसवे पर आने वाले यात्रियों व ड्राइवरों के लिए कैंटीन, पुलिस चौकी, पेट्रोल पंप, वाहन मरम्मत व अन्य सुविधाएं होंगी। यह केद्र पांच सौ मीटर लंबाई में होंगे और दस दस हेक्टेयर में बनेंगे।
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