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पिता के इलाज के नाम पर आठ हजार रुपए वसूले जाने का आरोप

उत्तर प्रदेश न्यूज21

सैफई के उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में मरीजों के साथ ठगी का एक और मामला संज्ञान में आया है। एक तीमारदार ने अपने पिता के इलाज के नाम पर आठ हजार रुपए वसूले जाने का आरोप लगाते हुए शिकायत भेजी है।

सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में इटावा के रहने वाले राजकुमार भारद्वाज(56) औरैया में पशुधन प्रसार अधिकारी ककोर जिला औरैया में तैनात थे।

उनकी तबियत खराब होने पर उन्हें उनके पुत्र अमित कुमार भारद्वाज ने सैफई में भर्ती कराया था। जांच में रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आई और उन्हें सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की पुरानी बिल्डिंग में चौथी मंजिल पर बेड नंबर 17 पर भर्ती किया गया। वहीं उनके पास के बेड पर एक महिला मरीज जो औरैया जिले की थी उसके तीमारदार ने बताया कि मरीज को इंजेक्शन लगवा लो तो जल्दी ठीक हो जाएगा हमने भी एक कर्मचारी के जरिये आठ हजार रुपये जमा कर दिए हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि पीपीई किट पहने मेडिकल यूनिवर्सिटी के एक कर्मचारी से मिलवाया और उसने डॉक्टर को देने के लिये आठ हजार की मांग की और बताया के यह पैसा आपको डॉक्टर साहब के खाते में भेजना है। इस पर उसने पैसे दिए गए बैंक एकाउंट में दे दिए। अमित कुमार भारद्वाज कई बार अस्पताल के कर्मी से बोले कि उसने पिताजी को इंजेक्शन नहीं लगवाया है तो उस कर्मचारी ने झूठ बोल दिया कि पिताजी को इंजेक्शन लग गया है। जबकि इंजेक्शन के नाम पर उससे आठ हजार रुपये ले लिए गए। उन्होंने बताया कि 29 अप्रैल को उसके भाई ने गूगल पे के जरिए केनरा बैंक इटावा के खाता संख्या 2788101010216 में शंकर यादव के खाते में आठ हजार रुपये भेजे थे। उन्होंने बताया शंकर यादव से भी कई बार बात हुई और पैसे वापस करने की मांग की गई लेकिन शंकर यादव ने पैसे नहीं दिए और फोन उठाना बंद कर दिया। बाद में उसके पिता की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसकी शिकायत उन्होंने अधिकारियों को भेजी है।अगर कोई कर्मचारी पैसे मांगता है तो करें शिकायत- डा. रमाकांत

सैफई। सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक कुलपति डॉक्टर रमाकांत यादव ने कहा कि कुछ कर्मी यूनिवर्सिटी की छबि को दागदार करने में जुटे हैं। इसकी शिकायत के बाद मामला उनके संज्ञान में आया है इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। अगर इसमें मेडिकल यूनिवर्सिटी का कोई कर्मचारी सम्मिलित है। तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर इलाज के बदले मेडिकल यूनिवर्सिटी का कोई कर्मचारी धन की मांग करता है तो इसकी लिखित सूचना उनके कार्यालय में दी जा सकती है। यहां इलाज व बड़े से बड़े आपरेशन जांचें सब सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर की जाती है। काउंटर पर पैसे जमा करते समय रसीद अवश्य लें। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मी को इलाज के नाम पर या सुविधा दिलाए जाने या एडमिट कराए जाने में नाम पर कोई धन न दे और शिकायत अवश्य करें।

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