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कोरोना काल के बीच टिड्डी दल के आने की संभावना,बचाव की अपील

उत्तर प्रदेश न्यूज21
औरैया: उत्तर प्रदेश में औरैया जिले के कृषि विभाग ने संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन की संभावना के आधार पर बीते वर्ष की भांति इस वर्ष भी खरीफ के मौसम में टिड्डी दल के आक्रमण होने की प्रबल संभावना व्यक्त की है और किसानों से इसके लिए तैयार रहने की अपील की है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने सोमवार को किसानों से अपील की कि टिड्डी दलों के आक्रमण की दशा में एक साथ एकत्र होकर टीन के डिब्बे, थालियों, ढोल-नगाड़ों, डीजे आदि बजाते हुए तेज आवाज करें इससे टिड्डी दल शोरकुल के कारण आस-पास के खेतों में बैठ नहीं पायेंगे, जिससे उनके नुकसान की बहुत कम संभावना होगी।
उन्होंने कहा कि बलुई मिट्टी टिड्डी के प्रजनन एवं अण्डे देने हेतु सर्वाधिक अनुकूल होती है। अत: टिड्डी दलों के आक्रमण से संभावित ऐसे क्षेत्रों में जुताई करवा कर जल भराव करें, जिससे टिड्िडयों के प्रजनन/वृद्धि की संभावना कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि टिड्डी दल सामान्यत: रात में धान की पौध, ढैचा, मक्का, पेड़/झाडियों एवं हरी फसलों पर प्रवास करते हैं तथा इन्हें अत्यधिक क्षति पहुँचाते हैं। सिंह ने टिड्डी दलों के रात्रि प्रवास के समय ही इन पर संस्तुत कृषि रक्षा रसायनों यथा क्लोरोपायरीफास 20 प्रतिशत ईसी, क्लोरोपायरीफास 50 प्रतिशत ईसी, लैम्डासायहॅलोथ्रिन 05 प्रतिशत ईसी, लैम्डासायहैलोथ्रिन 05 प्रतिशत डब्ल्यूपी, मैलाथियान 50 प्रतिशत ईसी, डेल्टामैथ्रिन 2.8 प्रतिशत ईसी, फिप्रोलिन 05 प्रतिशत ईसी व फिप्रोलिन 2.8 प्रतिशत ईसी इत्यादि रसायनों में से किसी एक रसायन का छिड़काव कर इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने किसानों से अपील कर कहा कि वह स्वयं सहभागिता द्वारा जागरूक होकर टिड्डी दल के आक्रमण से सतकर् रहें एवं अपनी-अपनी फसलों की प्रतिदिन निगरानी करने की सलाह दी है।

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