■ *सुदिति ग्लोबल अकैडमी औरैया के इस मानवीय दृष्टिकोण की समाजसेवी व सम्भ्रांतजनों ने की प्रशंसा*
घनश्याम सिंह
औरैया
औरैया जनपद की सुप्रसिद्ध शिक्षण संस्था सुदिति ग्लोबल एकेडमी कोरोना के कहर से अनाथ हुए अपने विद्यालय के छात्र-छात्राओं का संरक्षक बनेगा ।
सुदिति ग्लोबल एकैडमी के चेयरमैन डा० आनंद एवं एम० डी० डा० राममोहन ने कोरोना महामारी के चलते अपने माता-पिता को खो चुके छात्र-छात्राओं को विद्यालय में नि:शुल्क पढ़ाने का निश्चय किया है।
सुदिति ग्लोबल एकेडमी औरैया के चेयरमैन डा० आनंद एवं निदेशक व प्रधानाचार्या नीलम आनंद ने बताया कि उनके विद्यालय में अध्ययनरत अगर किसी छात्र/छात्रा के माता-पिता का कोविड-19 के कारण स्वर्गवास हुआ है विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा उस छात्र/छात्रा के शिक्षण शुल्क को पूर्ण रूप से माफ कर दिया जाएगा।
डा० आनंद ने बताया की महामारी के इस दौर में कुछ परिवारों पर दु:ख का पहाड़ टूटा है । जो छात्र छात्रा अनाथ हो गए हैं,उन्हें अपने भविष्य की चिंता सता रही है ; हालांकि शासन, प्रशासन का प्रयास बहुत सराहनीय है । लेकिन दुख की इस घड़ी में सुदिति ग्लोबल एकेडमी भी कोरोना से अनाथ हुए अपने छात्र-छात्राओं के साथ अभिवाबक बनकर खड़ा है। डा० आनंद ने कहा कि विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं में से किसी ने भी अगर अपने माता-पिता को खोया है तो इसकी सूचना विद्यालय लेखा विभाग को प्रेषित करें जिससे उनकी पूरी फीस माफ की जा सके। डा० आनंद ने इस अवसर पर अपने उन सभी अभिभावकों को धन्यवाद दिया जिन्होंने कोरोना काल में विद्यालय का शुल्क जमा कर विद्यालय को असहाय छात्र-छात्राओं की सहायता के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी मनोज अग्रवाल, लेखाधिकारी बृजेश चौधरी, वरिष्ठ शिक्षक अजय चौबे, देवेश तिवारी तथा प्रशांत गुप्ता आदि उपस्थित रहे,
इस संकट के दौर में विद्यालय परिवार द्वारा मानवीय संवेदनाओं पर आधारित एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किये जाने पर जनपद के तमाम बुद्धिजीवियों,समाजसेवी संस्थाओं ने सराहना करते हुए कहा कि सुदिति ग्लोबल एकेडमी परिवार द्वारा उठाये गए इस कदम से जनपद ही नहीं प्रदेश की शिक्षण संस्थाओं व सम्भ्रांतजनों को मानवता की प्रेरणा मिलेगी।।
फ़ोटो: वार्ता करते सुदिति ग्लोबल एकेडमी औरैया के चेयरमैन डा० आनंद
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