Top News

*कसक:क्या अब कोई न्यूज़ चैनल चर्चा करेगा कि सरकारी कर्मचारियों का 18 माह का डीए रोकने से सरकार को 75000 करोड़ का लाभ होगा--सुनील दत्त राजपूत एस.आर.जी.*


घनश्याम सिंह 
औरैया 
बकौल सुनील दत्त राजपूत एस.आर.जी.औरैया पहले
जब सरकारी कर्मचारियों का महँगाई भत्ता डीए बढ़ता था तो न्यूज़ चैनलों एवं समाचार पत्रों  की हेडलाइंस होती थी:
सरकारी कर्मचारियों की बल्ले बल्ले, सरकारी कर्मचारियों की चाँदी,सरकारी कर्मचारियों को तोहफा, होली से पहले दीवाली, इससे राजस्व पर 25000 करोड़ का बोझ पड़ेगा,वगैरह...
इस प्रकार की न्यूज़ से व्यापारियों को बहुत ईर्ष्या होती थी,जबकि सरकार कर्मचारियों को कुछ भी एक्स्ट्रा नहीं देती थी,जो उनके हक का होता था उससे भी कम देती थी,
 एस.आर.जी.औरैया सुनील दत्त राजपूत ने एक विशेष वार्ता में अपने दर्द की कसक बयां करते हुए कहा कि
"क्या अब कोई न्यूज़ चैनल इसपर चर्चा करेगा कि सरकारी कर्मचारियों का 18 माह का डीए रोकने  से सरकार को 75000 करोड़ का लाभ होगा!,क्या यह अखबारों के पहले पन्ने पर छपेगा!!
क्या ये माना जायेगा कि कोरोना महामारी के चलते सरकारी कर्मचारियों ने भारत सरकार को 75000 करोड़ दान में दिए!
वह भी तब जबकि  जनता  अपने अपने घरों में बैठी है और सरकारी कर्मचारी दिनरात एक करके काम में लगे हैं ताकि आमजनों तक आवश्यक चीजें, सेवा और सुविधा पहुँच सके! 
वह भी अपनी जिंदगी और  अपने परिवार का भविष्य तक दांव पर लगा कर!
और... सरकारी अमले के मनोबल पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? उनकी कार्य निष्पादन क्षमता पर क्या प्रभाव पड़ेगा? कितना नकारात्मक होगा यह प्रभाव? 
किसे फुर्सत है सोचने की? 
शायद किसी को नहीं!
फ़ोटो: 

Post a Comment

If You have any doubts, Please let me know

أحدث أقدم