उत्तर प्रदेश न्यूज21संवाददाता
कानपुर देहात:तहसील रसूलाबाद के विषधन मार्ग के थाना पुरवा और निभू के बीच मे करोणों रुपये की लागत से एक दबंग ठेकेदार के द्वारा बनवाया गया था अगिन शमन का केंद्र क्षेत्र के किसानों को लगा कि अग्नि काण्ड जैसी घटनाओं से अब राहत मिलेगी लेकिन साहब मददत की जगह खुद ही अपनी प्यास बुझाने को मजबूर है हद हो गई ऐसे भ्र्ष्टाचार में डूबे ठेकोदारों का ऐसे लोगों को संरक्षण स्थानीय अधिकारियों द्वारा प्राप्त रहता
ग्रामीणों की माने तो उनको खुशी तब हुई जब यहाँ पानी की टँकी बनना शुरू हुई थी क्योंकि कई बार किसानों की खून पसीना की गाढ़ी कमाई की फसल आग की भेंट चढ़ जाती थी तो किसानों ने सोचा था अब अग्नि काण्ड जैसी घटनाओं से तो राहत मिलेगी लेकिन साहब राहत की तो बात छोड़ो करोणों रुपये की लागत से बनी पानी की टँकी खुद ही अपनी प्यास नहीं बुझा पा रही औरों की क्या मददत करेगी खाक वहां पर रहने के लिए फायर कर्मियों को खुद को पानी पीने के लिए इधर उधर भागना पड़ता और यदि किसी तरह आगजनी जैसी घटनाओं के लिए रसूलाबाद जो 6 किलो मीटर की दूरी पर है भागना पड़ता तो कभी 12 किलो मीटर मिण्डा कुआँ के पास बनी दूध डेरी से पानी भरना पड़ता आखिर में ये टँकी एक सफेद हाँथी की तरह खड़ी नजर आ रही जिससे कैसे किसानों जी फसलें सुरक्षित रहपायेंगीं इतनी बड़ी विभागीय अधिकारियों के वरद हस्त से जो संरक्षण मिलता रहा जिसमे पानी भरने वाला हजारों लीटर का टैंक ध्वस्त पड़ा और तो और समरसेविल भी ध्वस्त वहां लगे उपकरणों को भी अभी नहीं सही सलामत लगवा पाया विभाग सब खुले व बिखरे पड़े।योगी सरकार लाख दावा करे विकास का लेकिन मशीनरी तन्त्र के दीमक धीरे धीरे उसको चट करजाते किसानों की खुशहाली के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है और नई नई योजनाओं की सौगात लेकर आ रही तो वहीं जमीनी स्तर पर बैठे सरकारी हुक्मरानों के आगे योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही अब देखना यह होगा कि क्या ऐसे लोगों पर सरकार नकेल लगा पाएगी तभी होगा सरकार का सपना साकार।
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