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अंधेर!कैसे होगी पर्यावरण की रक्षा:आम के बाग के ऊपर गुजरी हाई टेंशन लाइन को हटाने के लिए नौ वर्ष से ठोकरें खा रहे सेवानिवृत्त शिक्षक विश्वनाथ शुक्ल

उत्तर प्रदेश न्यूज21संवाददाता घनश्याम सिंह 

■आम के पेड़ों के ऊपर से गुजरी बिजली लाइन के कुप्रभाव से सूख रहे हैं हरे आम के पेड़ व हो रहा है बांझपन

औरैया:इसे बहुत ही दुर्भाग्य का विषय कहा जाएगा कि एक तरफ समस्त विश्व समुदाय वातावरण में हो रहे विनाशकारी परिवर्तन से बचने को तमाम कार्ययोजनाएं बना रहा है तथा पर्यावरण को हराभरा व शुद्ध रखने के लिए पर्यावरण प्रेमी ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं पर अपने यहां कुछ अधिकारी हरियाली को ही छीनने पर आमादा हैं, ग्राम माधव नगर थाना बेला जनपद औरैया निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक विश्वनाथ शुक्ला ने बताया कि उनके खेत में करीब 75 वर्ष पूर्व उनके परिजनों ने आम के पेड़ लगाए थे, उसके काफी समय बाद विद्युत विभाग ने बिना सोचे विचारे बाग के ऊपर से बिजली की लाइन बना दी जिसके कुप्रभाव से आम के पेड़ों में फल नहीं आने लगे और काफी पेड़ सूख गए इससे चिंतित होकर उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को दर्जनों प्रार्थना पत्र देकर पेड़ों के ऊपर से गुजरी 11000 वोल्टेज की लाइन को शिफ्ट करने की मांग की पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, सेवानिवृत्त अध्यापक विश्वनाथ शुक्ल ने बताया कि उन्होंने  आम के बाग के ऊपर से गुजरी 11000 वोल्टेज की बिजली की लाइन को अन्यत्र से होकर गुजरने के लिए दर्जनों प्रार्थना पत्र विभागीय अधिकारियों व थाना से लेकर जिला अधिकारी व मुख्यमंत्री तक प्रेषित किए हैं पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है, विश्वनाथ शुक्ल ने बताया कि  21.5. 20 को ऊर्जा मंत्री को की गई शिकायत के जवाब में मुख्य अभियंता कानपुर क्षेत्र कानपुर ने अपने पत्रांक संख्या 4702 दिनांक 24 जून 2020 को एक पत्र भेजकर 148114 ₹ बतौर शिफ्ट चार्ज मांगा उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को एक न्यायालय का एक परिपत्र व निर्णय भी सौंपा जिसमें एक मामले में बिना अनुमति के विद्युत लाइन को खेत या बाग के ऊपर से लाइन खींचने पर मुआवजे का निर्देश दिया था किंतु फिर भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, सेवानिवृत्त अध्यापक विश्वनाथ शुक्ल ने बताया कि उन्होंने विगत 9 वर्षों में विद्युत विभाग, जिला अधिकारी, मंडलायुक्त, तहसील दिवस, थाना दिवस,व तमाम अधिकारियों को शिकायती प्रार्थना पत्र भेजे हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है, उन्होंने बताया कि उनकी कोई दुर्भावना नहीं है वह केवल पर्यावरण की रक्षा में सहायक हरे पेड़ों के ऊपर से गुजरी लाइन को इधर उधर कराना चाहते हैं किंतु विभागीय अधिकारी उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं उन्होंने बताया की गुजरी लाइन के नजदीक से दूसरी विद्युत लाइन में उक्त विद्युत लाइन जोड़ी जा सकती है जिससे उनके बाग की हरियाली की हत्या होने से बच जाएगी, सेवानिवृत्त अध्यापक विश्वनाथ शुक्ल ने कहा कि विद्युत विभाग के अधिकारी जानबूझकर उन्हें परेशान करने व अपनी गलती साबित होने के डर से इस लाइन को शिफ्ट नहीं कर रहे हैं, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी सुनवाई ना हुई तो वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे व माननीय उच्च न्यायालय की शरण में जाएंगे।

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