■कागजों में चल रही तमाम सरकारी योजनाओं पर नहीं दे रहा कोई ध्यान
औरैया:कहने को सरकार प्रत्येक गर्मी के मौसम में पेयजल के लिए तमाम कार्य योजनाएं बनाती है पर हकीकत में आम नागरिकों को जीने का पानी तो सुलभ हो ही नहीं पा रहा है दूसरी ओर सबसे बड़ी आफत बेजुबान जानवरों व परिंदों के सामने है बेजुबान जानवर और परिंदे इस भीषण गर्मी में दो बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं सरकार ने आवारा घूम रहे पशुओं के लिए तमाम योजनाएं बनाई हैं पर वास्तविकता यह है कि सरकार की ज्यादातर योजनाएं कागजों तक सीमित रह गई हैं जिसके फल स्वरुप अन्ना पशु किसानों और फसलों को बर्बाद करते हैं अब जब गेहूं और गर्मी की अन्य फसलें पक चुकी हैं तब उनके चारे पानी के लिए और संकट गहरा गया है जो आवारा जानवर अभी तक फसलों को भीषण नुकसान पहुंचाकर अपना पेट भरते थे अब उन्हीं आवारा पशुओं के सामने पेट भरने व पीने के पानी की भारी दिक्कत हो गई है आवारा पशु पेयजल की तलाश में झुंड के झुंड इधर से उधर भटकते देखे जा सकते हैं,आवारा पशुओं के झुंड अब गांवों में पालतू पशुओं पर आक्रमण कर उनका चारा घोटाला करने लगे हैं, गर्मी के सीजन में नहर, बम्बा,तालाब सूखे हैं उनमें धूल उड़ रही है किसानों की फसलों को पानी पहले ही नहीं उपलब्ध हो पाता था अब किसानों को अपने पशुओं को पानी पिलाने के लिए भारी परेशानी हो ही रही है बेचारे किसान घरेलू हैंडपंपों से बहुत कठिनाई में पानी
निकालकर पशुओं को पिलाते हैं,पर आवारा पशु और पक्षी परेशान नजर आ रहे हैं, आवारा पशु परनालों और गंदे पानी से प्यास बुझाने को मजबूर हैं प्यासे पशु हैंडपंपों के पास जाते हैं और वहां पर फैला थोड़ा बहुत पानी चाट कर अपनी प्यास बुझाने का प्रयास करते हैं,सरकार को पशुओं की पेयजलापूर्ति के लिए हफ्ता भर में नहर,बम्बों,बम्बियों में पानी छुड़वाना चाहिए, विगत दिवस कस्बा याकूबपुर (औरैया)में एक बेजुबान आवारा पशु पुलिस चौकी में स्थित हैंडपंप से प्यास बुझाने की तलाश में गया और हैंडपंप के आसपास फैले चुल्लू भर पानी से पानी चाट कर अपनी प्यास बुझाने का प्रयास किया,दुर्भाग्य का विषय कि उस समय बिजली भी उपलब्ध नहीं थी इससे वहां उपस्थित कर्मचारी सबमर्सिबल चलाकर पानी निकालकर बेजुबान को पिला पाते, प्रदेश सरकार को समस्त जिला प्रशासनों को निर्देशित कर घूम रहे आवारा पशुओं के लिए कागजों में चल रही गौशालाओं व उनके पेयजलापूर्ति का ठोस बंदोबस्त करना चाहिए ताकि आवारा पशुओं की भूख प्यास बुझ सके, जानकर सूत्रों ने बताया कि आवारा पशुओं के लिए सरकार की ओर से प्रत्येक ग्राम पंचायत में धन भी भेजा गया था इसके लिए गौशालाएं स्थापित की जानी थी व ऐसे इच्छुक पशुपालकों को टीन शेड बनवाने के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान करने की योजना थी पर दुर्भाग्य का विषय इक्का-दुक्का को छोड़कर किसी भी ग्राम प्रधान ने किसी भी इच्छुक पशुपालक को टीन शेड या गौशाला खोलने की योजना की हवा तक नहीं लगने दी जिससे आज भी भारी तादाद में आवारा पशुओं के झुंड घूम रहे हैं,जो किसानों की फसलों के लिए आफत व आये दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का कारण बने हैं।
निकालकर पशुओं को पिलाते हैं,पर आवारा पशु और पक्षी परेशान नजर आ रहे हैं, आवारा पशु परनालों और गंदे पानी से प्यास बुझाने को मजबूर हैं प्यासे पशु हैंडपंपों के पास जाते हैं और वहां पर फैला थोड़ा बहुत पानी चाट कर अपनी प्यास बुझाने का प्रयास करते हैं,सरकार को पशुओं की पेयजलापूर्ति के लिए हफ्ता भर में नहर,बम्बों,बम्बियों में पानी छुड़वाना चाहिए, विगत दिवस कस्बा याकूबपुर (औरैया)में एक बेजुबान आवारा पशु पुलिस चौकी में स्थित हैंडपंप से प्यास बुझाने की तलाश में गया और हैंडपंप के आसपास फैले चुल्लू भर पानी से पानी चाट कर अपनी प्यास बुझाने का प्रयास किया,दुर्भाग्य का विषय कि उस समय बिजली भी उपलब्ध नहीं थी इससे वहां उपस्थित कर्मचारी सबमर्सिबल चलाकर पानी निकालकर बेजुबान को पिला पाते, प्रदेश सरकार को समस्त जिला प्रशासनों को निर्देशित कर घूम रहे आवारा पशुओं के लिए कागजों में चल रही गौशालाओं व उनके पेयजलापूर्ति का ठोस बंदोबस्त करना चाहिए ताकि आवारा पशुओं की भूख प्यास बुझ सके, जानकर सूत्रों ने बताया कि आवारा पशुओं के लिए सरकार की ओर से प्रत्येक ग्राम पंचायत में धन भी भेजा गया था इसके लिए गौशालाएं स्थापित की जानी थी व ऐसे इच्छुक पशुपालकों को टीन शेड बनवाने के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान करने की योजना थी पर दुर्भाग्य का विषय इक्का-दुक्का को छोड़कर किसी भी ग्राम प्रधान ने किसी भी इच्छुक पशुपालक को टीन शेड या गौशाला खोलने की योजना की हवा तक नहीं लगने दी जिससे आज भी भारी तादाद में आवारा पशुओं के झुंड घूम रहे हैं,जो किसानों की फसलों के लिए आफत व आये दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का कारण बने हैं। 1-घनश्याम सिंह
2-प्यास बुझाने की आस में हैण्ड पम्प पर पंहुचा बेजुबान

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