घनश्याम सिंह
वरिष्ठ संवाददाता
सनावादिया (इंदौर) मप्र
प्रख्यात पर्यावरण प्रेमी व समाजसेविका जनक पलटा मगिलिगन ने लोगों को होली के लिए प्राकृतिक रंग बनाने का प्रशिक्षण दिया ।।
पिछले 10 साल की तरह इस बार फिर पर्यावरण प्रेमिका जनक पलटा ने मगिलिगन गाँव सनावदिया स्थित जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर होली महोत्सव मनाने के लिए पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य को बचाने के लिए वीडियो जारी करके सरल तरीके से घर पर ही होली के लिए प्राकृतिक रंग बनाने की विधियां बताईं। उन्होंने अपने प्रशिक्षण वीडियो में कहा कि करोना के चलते हम इस साल होली के रंग लोगों के संग नहीं कर सकते लेकिन हम अपने घर परिवार के बीच ही प्राकृतिक रंगो के साथ मना सकते हैं। वीडियो में होली के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह ईश्वर का प्रेम का त्यौहार है, भगवान कृष्ण भी अपनी सखियों के साथ होली खेलते थे। इस प्रेम के त्यौहार को बहुत ही प्रेम, हर्ष और उल्लास से मनाना चाहिए साथ ही हमें अपने शरीर से भी प्रेम और पर्यावरण से भी प्रेम करना चाहिए। जब हम लोग प्राकृतिक रंग लगाते हैं या बनाते हैं उसी समय हमें खुशी और उल्लास होता है। जनक दीदी ने जनता से अपील करते हुए कहा आप लोग अपने परिवार के साथ ही होली का त्यौहार मनाएं जिसके लिए उन्होंने घर पर ही प्राकृतिक रंग बनाने सिखाये। जनक दीदी ने वीडियो में फूलों ,सब्जियां, और फल नारंगी के छिलके पोई, टेसू, अंबाडी से गीला व सूखा रंग एवं गुलाब की पतियों और बोगनविलिया के फूलों का गुलाल बेहद सरल तरीके से बनाना सिखाया, जिससे ना ही खर्चा होगा ना ही आपकी त्वचा को कोई नुकसान, बल्कि यह रंग जब आप धोएंगे तो आप पाएंगे कि आपके चेहरे पर ग्लो आ गया है।जनक दीदी ने कहा कि होली प्रेम का त्यौहार है खुशियों का त्यौहार है उन्होंने सभी को सद्भावनापूर्ण स्वस्थ और सुंदर होली की शुभकामनाएं दीं।।फ़ोटो
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