उत्तर प्रदेश न्यूज21संवाददाता
*दिमाग की टीबी (ब्रेन टीबी) के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत*
इटावा:क्षय रोग या ट्यूबरक्लोसिस एक संक्रामक बीमारी है , जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकती है। टीबी ग्रसित व्यक्ति के खांसने और छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से टीबी के बैक्टीरिया एक दूसरे को अपनी चपेट में ले लेते हैं | सैफई मेडिकल कॉलेज के रेस्पिरेटरी मेडिसन विभाग के अध्यक्ष डॉ आदेश ने बताया - जागरूकता व सतर्कता बरतने पर क्षय रोग से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा - पल्मोनरी टीबी जो फेफड़े को प्रभावित करती है। यह अक्सर बहुत ही कम उम्र वाले बच्चों में या फिर अधिक उम्र वाले वृद्ध लोगों में होती है।
दूसरी प्रकार की टीबी एक्टिव या एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी होती है यह फेफड़ों के अलावा हड्डी ,किडनी , आंख, कान ,नाक, मस्तिष्क, शरीर के अन्य अंगों में होती है।
ब्रेन टीबी के प्रति बरतें सतर्कता
डॉ आदेश ने बताया टीबी केवल फेफड़ों को ही नहीं हमारे दिमाग को भी प्रभावित कर सकती है | ऐसे में दिमाग व आंखों में सूजन आ जाती है जिसे मेनिनजाइटिस ट्यूबरक्लोसिस या ब्रेन कहा जाताा है।
ब्रेन टीबी के लक्षण
तेज सिर दर्द गर्दन में झटका, धुंधला दिखाई दे के साथ थकान उल्टी या असमंजस की स्थिति बने तो यह लक्षण टीबी के हो सकते हैं| ब्रेन टीबी में लापरवाही बरतना घातक हो सकता है। आमतौर पर इसके लक्षणों की पहचान शुरुआत में न होकर गंभीर अवस्था में हो पाती है।डॉ आदेश ने कहा कि आम तौर पर दिमाग के टीबी में लक्षणों की पहचान मुश्किल होती है | रोगी का इलाज न्यूरोलॉजिकल गड़बड़ी समझकर चलता रहता है| यही कारण है कि टीबी की पहचान गंभीर अवस्था में हो पाती है| दिमागी परेशानी से जुड़े अन्य लक्षणों के अलावा व्यक्ति को ध्यान केंद्रित करने में तकलीफ होना, हर बात पर विचार करने में जरूरत से ज्यादा समय लगना, कुछ विशेष परिस्थितियों में संवेदनशीलता लगभग खत्म होने जैसी दिक्कतें होने लगती हैं।
इन्हें ज्यादा खतरा
फेफड़ों के टीबी के मरीजों में इसके दिमाग तक फैलने की आशंका ज्यादा रहती है। ऐसे मरीजों को समय पर इलाज व दवाओं का पूरा कोर्स लेना चाहिए। पहले से किसी रोग से पीड़ित कमजोर इम्यूनिटी या संक्रमण, मधुमेह, किडनी की दिक्कत, चार साल से कम उम्र के बच्चे ,मद्यपान करने वाले, वह जिन्हें पहले से टीबी हो चुकी है उन्हें अधिक खतरा रहता है।
विश्व क्षय रोग दिवस पर संदेश
डॉ आदेश ने सभी जनपद वासियों के लिए अपने संदेश में कहा कि हर खांसी टीबी नहीं होती। क्षय रोगियों से भेदभाव पूर्ण व्यवहार न करें सावधानी बरतें।
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