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लाइलाज नहीं है टीबी पर लापरवाही न बरतें - मुख्य चिकित्साधिकारीविश्व क्षय रोग दिवस पर जिला क्षयरोग केंद्र में गोष्ठी आयोजित

उत्तर प्रदेश न्यूज21संवाददाता
औरैया:क्षय रोग लाइलाज नहीं रहा, पर खतरनाक जरूर है। इसकी पहचान कर नियमित इलाज कराया जाना चाहिए। मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर दवा का सेवन करते रहना चाहिए। आम तौर पर कुछ मरीज बीच में ही दवा छोड़ देते हैं। इस तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है। यह कहना है मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अर्चना श्रीवास्तव का। वह बुधवार को विश्व क्षय रोग दिवस पर चिचौली स्थित जिला क्षयरोग केंद्र पर आयोजित गोष्ठी में क्षयरोगियों को सम्बोधित क़र रहीं थी। उन्होंने टी0बी0 से ग्रसित गोद लिये गये बच्चों को पोषाहार प्रदान किया।मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में डेली रेजीमिन प्रणाली के अन्तर्गत टीबी के मरीजों को प्रति दिन दवा खिलायी जा रही है, टीबी रोग के लक्षण जिसमें दो सप्ताह से अधिक खाॅसी, वजन कम होना, बुखार, सीने में दर्द एवं बलगम के साथ खून आना एवं भूख कम लगना आदि है। इस प्रकार के लक्षण किसी भी व्यक्ति में यदि हो तो उसकी जाॅच जनपद के समस्त अस्पतालो में निःशुल्क उपलब्ध है। इसके अलावा टीबी मरीजों को डीबीटी के माध्यम रू0 500/- प्रतिमाह दिये जा रहें है। इसके अतिरिक्त जनपद में स्थापित प्राइवेट प्रैक्टिसनर, नर्सिंगहोम, कारपोरेट हास्पिटल एवं पैथौलाॅजी द्वारा उपचारित किये जा रहें व खोजे गये मरीजों का भारत सरकार द्वारा जारी आदेश टी0बी0 नोटीफिकेशन कराना अनिवार्य है | उक्त आदेश के अनुपालन में प्राइवेट प्रैक्टिसनर, नर्सिंगहोम, कारपोरेट हास्पिटल एवं पैथौलाॅजी द्वारा टी0बी0 नोटीफिकेशन अनिवार्य रूप से किया जाये।अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा अशोक कुमार ने बताया कि जनपद में प्रत्येक टी0बी0 मरीजों की एच0आई0वी0 एवं शुगर की जांच करायी जा रही है। 100 शैय्या जिला संयुक्त चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा राजीव रस्तोगी ने बताया कि जिला चिकित्सालय में डी0आर0टी0बी0 वार्ड स्थापित है जिसमें प्रत्येक एमडीआर टीबी मरीजों का नियमानुसार इलाज किया जा रहा है।जिला क्षय रोग अधिकारी डा अशोक कुमार राय ने सामाजिक संस्थाओ व अन्य को टीबी ग्रसित बच्चों को गोद लेकर जांच व उपचार में सहयोग प्रदान करने के लिए आवाह्मन किया गया। उन्होंने बताया कि  जिला क्षय रोग केन्द्र पर सीबी नॉट मशीन द्वारा टी0बी0 के संभावित  मरीजों की जांच की जाती है इसमें जनपद के प्राइवेट प्रैक्टिसनर, नर्सिंगहोम, कारपोरेट हास्पिटल एवं पैथौलाॅजी द्वारा टी0बी0 के संदिग्ध मरीजों को जांच हेतु सन्दर्भित किया जाये।कार्यक्रम का संचालन ज्ञान सक्सेना द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला कोआर्डिनेटर रविभान सिंह, श्याम कुमार डी0पी0सी0, सर्वेश कुमार एस0 टी0एल0एस0, संजीव कुमार एस0टी0एस0, संदीप कुमार एकाउन्टेन्ट, आशीष कुमार एल0टी0, रोहित चतुर्वेदी टी0बी0एच0वी0, शैलेन्द्र यादव, डी0 पी0 टी0सी0, प्रीतीदेवी सहित डी0टी0सी0 के समस्त कर्मचारी एवं ज्यांटस ग्रुप  के अध्यक्ष रोहित अग्रवाल, भीमसेन सक्सेना, विपिन मित्तल, आनन्द पोरवाल आदि पदाधिकारी भी उपस्थिति रहे।

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