■ *चार भाषाओं के प्रकांड ज्ञाता थे "लाखी" निवासी शिक्षक कामता प्रसाद "मुंशी जी"*
■ *शोकसभा आयोजित कर बहाइयों व क्षेत्रीय जनता ने दिवंगत वरिष्ठ शिक्षक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि*
घनश्याम सिंह
औरैया
हिंदी,संस्कृत,उर्दू,अंग्रेजी चार भाषाओं के प्रकांड विद्वान "लाखी" निवासी दिवंगत शिक्षक कामता प्रसाद "मुंशी जी" उम्र की पारी का शतक लगाकर दुनियां को अलविदा कह गए, वरिष्ठ शिक्षक कामता प्रसाद "मुंशी जी" के निधन पर विभिन्न ग्रामों की क्षेत्रीय जनता ने शोकसभा आयोजित कर दिवंगत वरिष्ठ शिक्षक को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, इस मौके पर बहाइयों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थनाएं कीं व पवित्र लेख पढ़े।।
जनपद औरैया के थाना बेला के ग्राम "लाखी" निवासी
शिक्षक कामता प्रसाद "मुंशी जी" हिंदी,अंग्रेजी,संस्कृत,उर्दू चार भाषाओं के प्रकांड विद्वान थे,उन्होंने जनपद के ग्राम
बेला,महू, कुर्सी,औरों के प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापन कार्य किया और वर्ष 1985 में लगातार 28 वर्ष प्राथमिक विद्यालय ओरों में सेवा करके सेवानिवृत्त हुए थे,बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि हिंदी,उर्दू, अंग्रेजी, संस्कृत आदि चार भाषाओं का उन्हें अच्छा ज्ञान था इसलिए उन्हें लोग मुंशी जी नाम से पुकारते थे, मुंशी जी के बड़े बेटे सेना से सेवानिवृत्त जयप्रकाश सिंह,शिक्षक सत्यप्रकाश, ज्ञान प्रकाश ने
बताया कि पिता जी का कोई शिक्षक साथी जीवित नहीं है तथा इक्का दुक्का उनके पढ़ाये हुए बुजुर्ग बचे हैं,उनके निधन पर बेला में शांतियज्ञ का आयोजन किया गया,इस मौके पर दिवंगत शिक्षक की आत्मा की शांति के लिए बेला,बिधूना,भरथना,मलहौसी,सहार आदि के बहाइयों डॉ आर एस यादव,रामपाल,मो रफ़ीक़,जिलेदार यादव,घनश्याम सिंह,राजू यादव,शुभम बाबू आदि ने प्रार्थनाएँ कीं,इस मौके पर प्रकाश श्रीवास्तव,अनिल गुप्ता,रविन्द्र राजपूत, मिश्रा, टीटू भदौरिया,आशुतोष दुवे,दयानंद त्रिपाठी,हरिकिशोर वाजपेयी,मयंक वर्मा आदि
संभ्रांतजनों ने भी पंहुचकर शोक संवेदना व्यक्त कर दिवंगत वरिष्ठ शिक्षक की प्रतिमा पर पुष्पांजलि प्रकट की।।
फ़ोटो 02
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