उत्तर प्रदेश न्यूज21
इस वर्ष पहली बार रैनबसेरों का विवरण आनलाइन दर्ज कराया जाएगा
लखनऊ:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने शीतलहर के दौरान गरीबों और निराश्रितों को राहत पहुंचाने के लिए जरूरतमन्दों को कम्बल बांटने तथा सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था समय से करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि कम्बल वितरण का कार्य पूरी पारदर्शिता से सुनिश्चित किया जाए। शीतलहर के दौरान गरीबों और निराश्रितों को राहत पहुंचाने का कार्य पूरी तत्परता से करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। यदि किसी जनपद को अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता पड़ेगी, तो शासन द्वारा समय से धनराशि आवंटित कर दी जाएगी।
यह जानकारी आज यहां देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशांे के क्रम में प्रदेश के राजस्व विभाग द्वारा आगामी शीतलहर में राहत कार्य संचालित करने हेतु धनराशि जारी कर दी गई है। इसके अन्तर्गत कम्बल वितरण हेतु समस्त जनपदों को प्रति तहसील 05-05 लाख रुपये तथा अलाव हेतु प्रति तहसील 50 हजार रुपये की धनराशि इस प्रकार कुल 19.25 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गयी है।
प्रवक्ता ने कहा कि शीतलहर से बचने हेतु व्यक्ति द्वारा नजदीकी रैनबसेरे को आसानी से खोज की जा सके, इसके लिए इस वर्ष पहली बार शीतलहर में स्थापित की जाने वाले रैनबसेरों का विवरण आॅनलाइन दर्ज कराया जाएगा। रैनबसेरों की जियो टैगिंग के साथ-साथ इनको गूगल मैप पर भी दर्ज किया जाएगा।
कम्बल का वितरण पात्र व्यक्तियों को हो यह सुनिश्चित किया जाएगा। कम्बल प्राप्त करने वाले व्यक्ति का विवरण दर्ज किये जाने हेतु एन0आई0सी0 के सहयोग से आॅनलाइन प्रारूप तैयार किये जाने की कार्यवाही की जा रही है।
यह जानकारी आज यहां देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशांे के क्रम में प्रदेश के राजस्व विभाग द्वारा आगामी शीतलहर में राहत कार्य संचालित करने हेतु धनराशि जारी कर दी गई है। इसके अन्तर्गत कम्बल वितरण हेतु समस्त जनपदों को प्रति तहसील 05-05 लाख रुपये तथा अलाव हेतु प्रति तहसील 50 हजार रुपये की धनराशि इस प्रकार कुल 19.25 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गयी है।
प्रवक्ता ने कहा कि शीतलहर से बचने हेतु व्यक्ति द्वारा नजदीकी रैनबसेरे को आसानी से खोज की जा सके, इसके लिए इस वर्ष पहली बार शीतलहर में स्थापित की जाने वाले रैनबसेरों का विवरण आॅनलाइन दर्ज कराया जाएगा। रैनबसेरों की जियो टैगिंग के साथ-साथ इनको गूगल मैप पर भी दर्ज किया जाएगा।
कम्बल का वितरण पात्र व्यक्तियों को हो यह सुनिश्चित किया जाएगा। कम्बल प्राप्त करने वाले व्यक्ति का विवरण दर्ज किये जाने हेतु एन0आई0सी0 के सहयोग से आॅनलाइन प्रारूप तैयार किये जाने की कार्यवाही की जा रही है।

एक टिप्पणी भेजें
If You have any doubts, Please let me know