*प्रदेश में कानून का राज या जंगल राज*
उत्तर प्रदेश न्यूज21
बलिया:उत्तर प्रदेश के बलिया में एक बड़ी घटना को अंजाम दिया गया है। बताया जा रहा है कि कोटा आवंटन को लेकर हो रही खुली बैठक के दौरान एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस के सामने ही हुई वारदात से सनसनी
फैल गई है. जबकि अफरातफरी के बीच विवाद और मारपीट में कई लोग घायल भी हुए हैं. घायलों को सीएचसी सोनबरसा में भर्ती कराया गया है. बलिया की इस घटना पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया कि मौके पर मौजूद एसडीएम, सीओ और पुलिस के जवानों को तत्काल निलंबित किया जाए और
आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही कहा है कि अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों पर आपराधिक कार्रवाई की जाएगी .बलिया जिले की ग्राम सभा दुर्जनपुर व हनुमानगंज की कोटे की दो दुकानों के आवंटन के लिये गुरुवार की दोपहर पंचायत भवन में खुली बैठक का आयोजन किया गया था. इसमें एसडीएम बैरिया सुरेश पाल, सीओ बैरिया चंद्रकेश सिंह और बीडीओ बैरिया गजेन्द्र
प्रताप सिंह के साथ ही रेवती थाने की पुलिस फोर्स मौजूद थी. दुकानों के लिये चार स्वयं सहायता समूहों ने आवेदन किया, जिसमे दो समूहों मां सायर जगदंबा स्वयं सहायता समूह और शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह के बीच मतदान कराने का निर्णय लिया गया. अधिकारियों ने कहा कि वोटिंग वही करेगा जिसके पास आधार अथवा अन्य कोई पहचान पत्र होगा. एक पक्ष के पास अधार व पहचान पत्र मौजूद था, लेकिन दूसरे पक्ष के पास कोई आईडी प्रुफ नहीं था. इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया. मामला बिगड़ता देख बैठक की कार्रवाई को स्थगित कर अधिकारी चले गये.
फैल गई है. जबकि अफरातफरी के बीच विवाद और मारपीट में कई लोग घायल भी हुए हैं. घायलों को सीएचसी सोनबरसा में भर्ती कराया गया है. बलिया की इस घटना पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया कि मौके पर मौजूद एसडीएम, सीओ और पुलिस के जवानों को तत्काल निलंबित किया जाए और
आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही कहा है कि अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों पर आपराधिक कार्रवाई की जाएगी .बलिया जिले की ग्राम सभा दुर्जनपुर व हनुमानगंज की कोटे की दो दुकानों के आवंटन के लिये गुरुवार की दोपहर पंचायत भवन में खुली बैठक का आयोजन किया गया था. इसमें एसडीएम बैरिया सुरेश पाल, सीओ बैरिया चंद्रकेश सिंह और बीडीओ बैरिया गजेन्द्र
प्रताप सिंह के साथ ही रेवती थाने की पुलिस फोर्स मौजूद थी. दुकानों के लिये चार स्वयं सहायता समूहों ने आवेदन किया, जिसमे दो समूहों मां सायर जगदंबा स्वयं सहायता समूह और शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह के बीच मतदान कराने का निर्णय लिया गया. अधिकारियों ने कहा कि वोटिंग वही करेगा जिसके पास आधार अथवा अन्य कोई पहचान पत्र होगा. एक पक्ष के पास अधार व पहचान पत्र मौजूद था, लेकिन दूसरे पक्ष के पास कोई आईडी प्रुफ नहीं था. इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया. मामला बिगड़ता देख बैठक की कार्रवाई को स्थगित कर अधिकारी चले गये.



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