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मन से भेदभाव को हटाकर स्वाभिमान के साथ जीवनयापन का हक



आपको बताते चलें आपने देखा होगा कि भारत में सबसे पहले महिलाओं की सुरक्षा को लेकर के प्रमुख मुद्दे उठाए जाते हैं लेकिन वह कहीं ना कहीं फेल होते हुए नजर आते हैं चाहे किसी भी सरकार की हम बात करें वही तरफ आपने देखा होगा देश विदेश में महिलाएं बड़े-बड़े सम्मानित पदों पर रह कर के कार्यभार को संभाल कर अपनी सेवाएं देते हैं वहीं दूसरी तरफ देश की महिलाओं पर लगातार बड़ी तेजी से अपराधों की संख्या बढ़ती हुई नजर आती है क्या हम नहीं सोच सकते कि हमारी भारतीय संस्कृति और सभ्यता में दर्दनाक शर्मसार घटनाएं घटित होती है हम लोग रोज टीवी चैनलों अखबारों में पढ़ते हैं इस लड़की के साथ पूरा हुआ और दहेज प्रथा को लेकर के छेड़खानी को लेकर के इन सब बातों को हम लोग याद रखते हुए एक ठोस कदम उठाना सरकार की सर्वप्रथम प्राथमिकता है सरकार नारी देती है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ लेकिन क्या हम लोग बेटी बचा पा रहे हैं कि हम लोग भी पढ़ा पा रहे हैं नहीं मैं एक पार्टी की बात नहीं करता अधिकतर कोई भी पार्टी आए वह महिलाओं के स्वाभिमान एवं उनसे घटित हो रही घटनाओं को लेकर फेल होती नजर आती है आज देश की हर एक बेटी महिला अपने आप को असहज महसूस करती है घर से निकलना पश्चिम का दुबर हो गया डर लगने लगा है निकलने में घर पर कि कहीं कोई ना कोई बड़ी अपराधिक घटना घटित ना हो जाए  इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार को कोई ठोस कदम उठाना चाहिए जिससे कि आए दिन हो रही घटनाएं घटित ना हो और महिलाओं को स्वाभिमान और बराबरी के साथ जीने का हक भी मिले|

*खुद आत्मनिर्भर बनना होगा*
बहुत ही कोशिशों के बाबजूद भी सरकार विफल होती दिख रही है इसलिए हम सब को खुद व खुद अपने परिवार से ही आत्मनिर्भर बनने की पहल को शुरू करना चाहिए जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की कोई हेल्पलाइन लेनी की जरूरत नही पड़ेगी और समाज में बराबरी का हक का माहौल भी होना चाहिए-- महिमा सेंगर ,हाईस्कूल छात्रा औरैया

*न्याय में देरी अपराधी बेखौफ मौज में*
आपने देखा होगा कि हर क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर के कार्य करती हैं लेकिन न्याय व्यवस्था को लेकर के देखा जाए तो बहुत ही देरी की जाती है जिससे अपराधी बेखौफ होकर घूमते नजर आते है इसलिए लगातार घटनाएं बढ़ती दिख रही है हर बार महिलाओं पर दोष डाल दिया जाता है कपड़े सही नही ये नही वो नही माना लेकिन जो मासूम बच्चें उनकी क्या गलती इसलिए सरकार कोई ठोस कदम उठाएं। कु०अल्का,डी०एल०एड छात्रा औरैया


*आत्मरक्षा को ही अपनाना होगा*
स्कूलों एवम विद्यालय में नैतिक शिक्षा के साथ साथ आत्मरक्षा का भी पाठ पढ़ाया जाना चाहिए जिससे कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के सभी क्रियाकलापों को पूर्णरूप से जानना चाहिए जिससे कि वो अपनी सुरक्षा खुद कर सकें। दिव्या तिवारी-डी०एल०एड छात्रा औरैया।

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