बता दें चित्रकूट की एक महिला ने पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और उनके साथियों के खिलाफ गैंगरेप और धमकाने की एफआईआर दर्ज कराई थी।

लखनऊ:समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के दो दिन बाद मंगलवार को उनके लिए एक और अच्छी खबर आई है. पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला सामने आई है और कहा है कि उसके और गायत्री प्रजापति के बीच पिता-पुत्री जैसे संबंध हैं. पीड़िता ने कहा कि रामसिंह ने मुझे धमका कर, मेरी बेटी को बंधक बनाकर मंत्री पर एफआईआर दर्ज कराई गई. जबकि थाने में दी गई तहरीर पर भी उनके हस्ताक्षर नहीं है.पीड़िता ने न्यूज18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि उसके और पूर्व मंत्री के बीच पिता- पुत्री जैसे संबंध हैं. उन्होंने कहा कि गायत्री प्रजापति ने उसके साथ कभी रेप नहीं किया और ये बात उसने कोर्ट में भी कही है. पीड़िता ने बताया कि पूर्व मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और पूरी साज़िश रचने का काम रामसिंह राजपूत ने किया था. पीड़िता ने आरोप लगाया कि रामसिंह और उसके साथियों ने उसके साथ रेप किया था, इस मामले की दिसंबर 2019 में लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. लखनऊ पुलिस ने इसी मामले में तीन दिन पहले रामसिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. आपको बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद फरवरी 2017 में गायत्री प्रजापति के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी. 11 मार्च 2017 को बीजेपी ने यूपी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और 15 मार्च को गायत्री प्रजापति की गिरफ्तारी हुई थी तब से गायत्री प्रजापति जेल में था. 3 सितंबर 2020 को गायत्री प्रजापति को हाईकोर्ट लखनऊ बेंच से अंतरिम जमानत मिली है. एक अजीब इत्तेफाक है कि गायत्री को जमानत मिलने के दो दिन बाद ही रामसिंह राजपूत की गिरफ्तारी हो जाती है।
ये है मामला
बता दें चित्रकूट की एक महिला ने पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और उनके साथियों के खिलाफ गैंगरेप और धमकाने की एफआईआर दर्ज कराई थी. मामले में सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद मार्च 2017 में गायत्री प्रजापति को पुलिस ने गिरफ्तार किया था.
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