*आखिर में कब तक बंधक बनकर रहेगा काला बाहुबली उर्फ बाबू वन जिलाधिकारी ने भी लेने से किया इनकार*
राज त्रिपाठी उत्तर प्रदेश न्यूज 21/आल इंडिया प्रेस एसोसिएशन
कानपुर देहात:तहसील में लगने वाला गाँव वैरीसाल के बलवान सिंह उस वक्त एक 5 दिन का माशूम काले हिरण के बच्चे को जंगली कुत्ते नोचने का प्रयास कर रहे थे उसी समय बलवान सिंह उधर से ही अपने खेतों की तरफ जा रहे थे तो निगाह पड़ते ही उन्होंने उन जंगली कुत्तों से उसके प्राण बचाये और घायल अवस्था मे उसको लेकर अपने घर लाये जहां पर उन्होंने घायल काले हिरण के बच्चे का उपचार कराया और वह ठीक भी हो गया इसके बाद उस घर मे बलवान के दो पुत्र दुर्गेश और योगेश इसको इतना अधिक चाहते थे कि उन्ही बच्चों के साथ ही भोजन करता था और साथ ही चारपाई में बिस्तर पर ही सोता था इस प्रकार बलवान ने भी उसे अपना तीसरा बेटा समझ उसको बहुत लाड प्यार के साथ सभी लोग रखते थे बलवान ने बताया उसको खरीदने के लिए कई चिकों के साथ अन्य लोग भी गए जिसमे उनको 10 हजार से लेकर 30 हजार तक रुपयों का लालच दिया लेकिन उल्टा वह उन लोगों को भगा देते थे लेकिन उन्होंने किसी को बेचा नहीं बलवान सिंह अपने बच्चों की तरह उसका जन्मदिन भी मनाते थे जिसमें बाहुबली को खाने में सबसे अधिक बेसन के लड्डू पसन्द हैं इसके अलावा वह रोटी दाल चावल बिस्किट आदि सभी चीजें खा लेता है इसके बाद बलवान सिंह खुद ही वन विभाग रसूलाबाद को सुपुर्द कर दिया इसके बाद श्री कृष्ण उर्फ छोटू 9 माह से उसकी देखभाल कर रहे उसको जिला भी ले गए लेकिन वन जिलाधिकारी फारेस्ट ने इसको पुनः वापस रसूलाबाद भेज दिया
إرسال تعليق
If You have any doubts, Please let me know