घर-घर जाकर जागरूक कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
अजय राजपूत ऑल इंडिया प्रेस एसोशियेशन
औरैया:पोषण माह के तहत जिले में पूरे सितंबर माह जन जागरुकता की विभिन्न गतिविधियां हो रहीं हैं। कोरोना के इस दौर में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गुरुवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने घर-घर जाकर धात्री महिलाओं एवं गर्भवतियों को सुपोषण का संदेश दिया। ग्राम पंचायत औतों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन चतुर्वेदी सहित आशा उमा देवी और इंद्रवती ने लोगों को जागरूक किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन चतुर्वेदी ने बताया कि बच्चे के छह माह का होने पर ऊपरी आहार की शुरुआत में देरी होने से बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास पर असर पड़ने और उसमें कुपोषण का खतरा बढ़ने से रोकने के बारे में भी आवश्यक सलाह दी जा रही है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद अवस्थी ने बताया कि जनपद में बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए विशेष पोषण माह सात सितंबर से शुरू हुआ है। इस दौरान सुपोषण के बारे में जागरुकता लाने के लिए चित्रकारी, स्लोगन तथा रंगोली से संदेश दिया जा रहा है। सुपोषण अभियान के तहत गंभीर कुपोषित बच्चों का अलग से चिह्नांकित करके उन्हें पौष्टिक आहार दिया जा रहा है।
धात्री माता जानकी निराला कहती हैं, सहजन का पेड़ हमारे घर के आंगन और खेत में लगा हुआ है लेकिन उसके महत्व के बारे में हमें नहीं पता था। गांव में चल रहे राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान पौष्टिक आहार की जानकारी आंगनबाड़ी दीदी से मिली। इसकी पत्तियों में प्रोटीन होता है, यह प्रोटीन किसी भी प्रकार से मांसाहारी स्रोत से मिले प्रोटीन से कम नहीं है। इसमें सभी आवश्यक एमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार होते हैं।
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